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Saturday, February 28, 2015

सेक्स की हवा


                           सेक्स की हवा


नितिन कंडोम के पैकेट ले आया था। उसने आते ही अपने लैपटॉप में एक ब्लू फिल्म चला दी, जिसे देख कर मेरी पैन्टी पूरी गीली हो गई। मैंने उसका लंड थाम लिया और रगड़ने लगी। वो आज काफी मोटा लग रहा था नितिन ने उस दिन ऐसा किया जिसकी मुझे सपने में भी उम्मीद नहीं थी।उसने मेरे कपड़े उतारे और मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी गांड चाटने लग गया। मुझे तो जैसे धक्का लग गया।


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Friday, February 27, 2015

क्या मैं जवान हूँ गया हु मौसी

क्या मैं जवान हूँ गया हु मौसी

मौसी शायद भूल गयी थी कि घर में उसका भांजा भी सो रहा है,लेकिन मौसी को क्या पता कि भांजा ही चुदाई कर रहा है उनका. मौसा तो नींद की गोली लेकर सोया हुआ है.मौसी नीचे से उच्छल उच्छल कर मुझसे चुदवा रही थी,इस दौरान मौसी 2 बार झड़ चुकी थी लेकिन मैं अभी झड़ने नही वाला था.
मैने मौसी की 25 मिनट.तक लगातार जोरदार चुदाई कर रहा था.अब मैं थकने लगा था तो मैने मौसी को पकड़कर अपने उपर बिठा लिया और मैं नीचे लेट गया.
मौसी समझ गयी थी कि मैं क्या चाहता हू वो मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत पर सेट करके एक दम से मेरे लंड पर बैठ गयी. और अपना मूह मेरे मूह केपास लाकर मुझे किस करने लगी.और धीरे से बोली कि इतना मज़ा तो सुहागरात को भी नही आया था जान.जितना मज़ा आज आप तुम दे रहे हो.

मौसी जानती थी कि मौसा जी सेक्स करते हुए बोलते नही थे इसलिए उन्हे कोई शक भी नही हो रहा था.मैने मौसी की गांद के नीचे हाथ रखा और उसे उपर नीचे करने लगा जिससे मौसी को इशारा मिल जाए कि मैं क्या चाहता हू.मौसी मेरे लंड पर उपर नीचे होकर चुदाई रही थी .ऐसा लग रहा था कि. मैं मौसी को नही मौसि मुझे चोद रही हो. ऐसे हिलते हुए मौसी की चुचिया बड़ी मस्त लग रही थी.

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Wednesday, February 25, 2015

वाइफ की सहेली की चूत


वाइफ की सहेली की चूत 

अँधेरा हो गया था और मौका देखकर, मैं उसे चूमने लगा गालो पर, गले पर, हाथो पर. फिर मैंने उसके होठो को चूमा. वो मना करती रही, पर मैं नहीं माना. धीरे- धीरे उसकी आना-कानी कम हुई और मैं दबाके उसके होठो को चूसने लगा. साथ-ही- साथ उसके चुचे दबाने लगा. १० मिनट चूमा-चाटी के बाद उसने मुझे रोका और कहा – बस और नहीं. ये गलत है और मुझे वापस चलने को कहा. मैंने भी सोचा, कि जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए. इतना करने को तो मिला और मैंने गाड़ी वापस मोड़ ली. पार्लर से वाइफ को पिक करने के बाद, हम घर पहुचे. घर पर हल्का- फुल्का फंशन था. जोकि रात को ९ बजे तक ख़तम हो गया और १० बजे तक सब सोने चले गये. मेरा और मेरी वाइफ का कमरा ऊपर था और चित्रा का कमरा भी वहीँ ऊपर ही था. मैंने सोचा, कल चित्रा की सुहागरात है और उसके बाद शायद ही मुझे कभी मिलेगी. तो मैंने ठान ली, कि आज उसे चोदना ही है. कुछ ११:३० बजे, मेरी वाइफ के सोने के बाद; मैंने अपने कमरे से बाहर निकला और चित्रा के कमरे के दरवाजे को नोक किया.

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Sunday, February 22, 2015

मैडम के साथ फ़ोन सेक्स-45

              मैडम के साथ फ़ोन सेक्स-45


मैं समझ गया की आज इसकी चूत में कुछ ज्यादा ही कुलबुलाहट हो रही है…मैं बाईक सहलाते हुए सोचने लगा की मैं अंशिका को कहाँ लेकर जाऊ …पर उसके पीठ पर चुभ रहे मुम्मे मुझे सोचने ही नहीं दे रहे थे.

मैं : मैं अगर तुमसे आज नहीं मिलता तो मैं खुद मरने के कगार पर पहुँच जाता…
अंशिका ने अपनी कोमल उंगलिया एक झटके से मेरे होंठो पर रख दी….और बोली
                     

                                                                           
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Saturday, February 21, 2015

उस रात !

                    उस रात !

हाथ मेरी कमर पर आ गये और मेरे बदन को सहलाने लगे। उसने मुझे अपने और करीब खींच लिया और यह पहली बार था कि मैं किसी मर्द के इतने करीब थी।
ह्मारे होंठ अभी भी एक दूसरे से जुड़े हुए थे और मैं उसके मरदाने स्वाद का मज़ा ले रही थी।
मेरी उंगलियाँ उसकी बाजुओं पर आ गई और उसकी मसल्स की सख्ती से मेरा बदन गरम होने लगा।
राज के हाथ अब मेरे बदन का जायजा लेने लगे थे और जल्दी ही मैंने उसकी उंगलियाँ अपनी ड्रेस की ज़िपर पर महसूस की

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च्यातिने होइन, थोत्रो हुने होइन, (नेपाली सेक्स स्टोरी )

  च्यातिने होइन, थोत्रो हुने होइन, (नेपाली सेक्स स्टोरी )


अचानक उसले मलाई खाटमा पल्टायो र ममाथि घोप्टियो । मलाई रुनमात्र आयो, केही बोल्नै सकिनँ । भक्कानो फुटेर आयो, अनि आँशु झार्दै रोएँ । उ मेरो शरीरमा आफ्नो शरीर पुरै सुताएर मेरो अनुहार हेर्दै थियो । म भने उप्रति रुदैँ दयाको भिख मागिरहेकी थिएँ । तर उसले हात सार्न थाल्यो, मेरा स्तनतिर ल्याउन । मैले आफ्ना दुबै स्तनलाई हत्केलाले ढाकेँ ।



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Friday, February 20, 2015

आंटी की शरारत

                   आंटी की शरारत


एक दिन मैं आंटी के घर गया और मैंने दरवाजा खटखटाया।
काफी देर तक आंटी ने दरवाजा नहीं खोला।
मैंने दरवाजे को धक्का दिया तो वह खुल गया।

मैं अन्दर गया तो वहाँ कोई नहीं था। मैंने सारे घर में देखा लेकिन मुझे कोई नहीं दिखा।

फिर मैं आंटी के कमरे की तरफ गया तो मुझे कुछ आवाजें आईं। मैंने कमरे के दरवाजे की आड़ में से देखा तो आंटी का पलंग दिखा जिस पर आंटी लेटी थीं और

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Thursday, February 19, 2015

मेरो नीता भाउजू ( नेपाली सेक्स स्टोरी )

              मेरो नीता भाउजू ( नेपाली सेक्स स्टोरी )

मलाई भित्र देखि इमोसन जगेर आयो, लाडो मा जोस भरिएको थियो र चिक्न मन लागेको थ्यो। मैले उनको छाती मा आफ्नो नजर टेकाए र दाहिने हाल ले कुर्था बाहिर बाटै दुध हात्मा लिए। प्रतिउतर मा राम्रो लाग्यो? भनेर सोधिन। हिजो बेलुका त मलाई प्यासी नै छोडेउ क्यारे भने। उनले केही बोलिनन, मात्र मेरो ओठ मै चुमेर मन्द मुस्काइन्। मलाई हिजो को प्यास अहिलेइ मेटाउन त भनेको जस्तो लाग्यो र बाहिरै बाट थाइ मा किस गरे अनी ओठ मा चुमेर कुर्था भित्र हात हालेर दुध को मुन्टा खेलाइदिन थाले। तेस्पछी

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Wednesday, February 18, 2015

दोनों टांग फेला कर

                       दोनों टांग फेला कर

उनके बटले बड़े बड़े थे जो साड़ी के उपर से भी उभर के दीखते थे और उनके गांड के बारे में तो में बता भी नहीं सकता उसका गांड में इतनी मस्ती थी की अगर किसी डोकरे को उसका गांड चोदने दे दिया जाये तो वो भी नहीं छोड़ता . में चोरी चोरी उनको भी देख लिया करता था उनको याद करके मुठ मरने में भी अच्छा लगता था एक दिन सुबह में सुमन के घर गया पर घर में सुमन नहीं थी और


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Tuesday, February 17, 2015

फरेन में देसी चूत


फरेन में देसी चूत


मेरा काम हो चूका था. मैंने कपड़े पहने और डाईइंग रूम में चले गया. अब आगे एश्लिन आंटी की बात भी हिंदी में ही लिखूंगा. टेबल पर जाते ही, आंटी ने कहा – जब भी कुछ प्राइवेट काम करो, तो तुम्हे रूम को लॉक कर लेना चाहिए. मैंने कहा – आंटी ओके. आगे से ध्यान रखूँगा. फिर आंटी ने कहा – एमिली यहाँ नहीं है, तो तुम मेरा एक काम कर दोगे, प्लीज? मैंने कहा – हाँ, आप मुझे काम बता दो. उन्होंने कहा – तुम्हारे अंकल की देखभाल के लिए तुम रात को हमारे ही बेडरूम में सो जाना, जब तक एमिली वापस नहीं आती है. मैंने सोचा, ये बिल्ली के भाग से चिका टूट गया. तो मैंने उनको हाँ कर दी. उसी रात को हम डिनर करके बेडरूम में चले गये और आंटी हम दोनों के बीच में सोयी हुई थी. एक घंटे बाद, लगभग १२ बजे; मैंने देखा कि आंटी सो चुकी थी. मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके आंटी के ब्रेअट्स पर हाथ रखा. वो सोई हुई थी और उन्हें पता नहीं चला. फिर मैंने उनके बूब्स थोड़े से दबाये और मेरा लंड अब खड़ा होने लगा था.

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मैडम के साथ फ़ोन सेक्स-42

              मैडम के साथ फ़ोन सेक्स-42

मैंने हँसते हुए अपने लंड का रुख उसकी चूत की तरफ किया…और लंड को उसकी चूत में डालकर उसके ऊपर लेट सा गया…उसने भी मुझे अपनी बाँहों में लपेट कर अपनी टांगो को मेरी कमर में बाँध कर , मेरे लंड को पूरी तरह से अपने में समां लिया…और फिर जो धक्के मैंने मारे उससे पूरा बेड हिल गया…और इतना हिला की अंशिका की हलकी बेहोशी भी टूट गयी….और वो प्यार से मुझे अपनी बहन को चोदते हुए देखने लगी…

और जल्दी ही मेरे लंड की पिचकारियाँ उसकी चूत के अन्दर चलने लगी….

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Sunday, February 15, 2015

बहन की टैट फुद्दी


बहन  की टैट फुद्दी

फिर उसके बाद, मैंने उसे अगेन किस किया और फिर उसने लंड पीने को कहा. वो तो मेरे हाँ कहते ही मेरे लंड पर टूट पड़ी और मुह में ले लिया और उसे चूसने लगी. मैं उसके मुह को चोदने लगा. वो बड़े प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी और करीब १५ मिनट बाद में, मैं झड़ गया और वो मेरा सारा पानी पी गयी. फिर मैंने उसे किस किया और उसके चुचे दबाये और मेरा लंड फिर से सॉलिड रॉड की तरह तन्न गया. अब शिखा ने बोला – भैया, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है, प्लीज जल्दी अन्दर डाल दो, चोद दो अपनी बहन को और बना लो अपनी बहन को अपनी घरवाली. फिर क्या था, मैंने एक तकिया उसकी गांड के नीचे लगाया और फिर पास रखी क्रीम लंड पर लगायी और उसकी चूत के छेद पर रखा और एक झटका लगाया. लेकिन वो स्लिप हो गया, क्युकि उसकी चूत बहुत टाइट थी और लंड बहुत मोटा था. मैंने इस बार उसकी कमर को पकड़ा और फिर से एक जोर का झटका मारा. वो चिल्ला उठी. मैं तो डर गया, कोई जग गया, तो वाट लग जायेगी. बाहर बारिश बहुत तेज हो रही थी, तो उसके चिल्लाने की आवाज़ बारिश की तेज आवाज़ में दब गयी. वैसे तो, ओनली माय टॉप ऑफ़ पेनिस वाज ओनली इनसाइड हर पुसी; बट, शी वाज क्राइंग डीयू टू दर्द. उसकी सील टूट चुकी थी.


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कमसिन चुदाई

             कमसिन चुदाई

अब आप ही मेरे सब कुछ हो… मेरा सब कुछ आपका ही है.. जो चाहो करो।
उसे विश्वास था कि हम लोगों की शादी हो जाएगी.. क्योंकि हम एक ही जाति के थे। उसके मेरे बीच प्यार बहुत था, हम दोनों के ही पिता अधिकारी हैं, इसलिए कोई दिक्कत का सवाल ही नहीं था।
मैं भी उससे शादी करना ही चाहता था। उसकी सलवार खोल कर अलग किया उसकी गोरी-गोरी जांघें मेरा स्पर्श पाकर और भी गरम हो गईं। उसकी पैंटी में थोड़ा छेद था, देखा तो मैंने उंगली डाली।

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Saturday, February 14, 2015

और मज़ा करना है?

                         और मज़ा करना है?
           

बात करते-करते मैं उसके बहुत करीब आ गया और अचानक मैंने उसके होंठ पर चुम्बन करके पीछे हट गया, उसने मुझे घूरा लेकिन कुछ कहा नहीं। मैंने हिम्मत करके फिर अपने होंठों को उसके होंठों पर लगा दिए और उसको लंबा सा चुम्बन किया। इस बार उसने भी मेरा साथ दिया

Friday, February 13, 2015

चोदु चाची


चोदु चाची

थोड़ी देर उनकी चूत चाटने के बाद मेने उन्हें अपना लंड चूसने को कहा वो भी मेरे लंड को देखते ही नशे में अ गयी थी सेक्सी तो वो थी ही और ऊपर से सेक्स का नशा चदते ही और भी सेक्सी लग रही थी किसी का भ अपने आप पर काबू रखन ना मुमकिन था. मेने तो उनके बूब्स को बाईट किया करीब १५ मिनट तक में उनके बूब्स को चूसता रहा. चाची नशे में चूर आह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह आआह्ह्ह ऊऊउह्ह्ह करे जा रही थी. सेक्स के नशे में अब तो वो भी हमारा रिश्ता भूल चुकी थी और मुझे कास कास कर पकड़ पकड कर बाईट कर रही थी अरे दोस्तों क्या बताऊ उन्होंने मेरे लंड को कितना मजेदार लोलीपोप की तरह चाटा था चूमा था क्या कहू कितना मजा आया था उस वक्त. और अभी भी वो मुजेकात रही थी हम दोनों सेक्स के नशे में इतने पागल हो चुके थे की अब मेरा लंड फडफडा रहा था उनकी चूत के वास्ते और उनकी चूत भी उछल रही थी मेरे लंड के वास्ते तो हमने दो घडी की भी देर ना करते हुए सीधे चुदाई सुरु करदी मेने घुसा दिया अपना लंड उनकी चूत में और बड़े जोरो से चोदने लगा.


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जवानी का रस


                     जवानी का रस


जब दरवाजा खुला तो मैं… सब भूल गया। क्या स्वप्ना थी, मेरी भाभी और ऋतेश की बीवी.. उसके बहुत ही सुन्दर और बड़े स्तन अपनी उठी हुई जवानी का अहसास करा रहे थे।
उसका ब्लाउज बहुत ही कसा हुआ था और उसके उरोजों को सम्भालने में असमर्थ था। इसका पता ब्लाउज से ऊपर आ रहे उरोजों से हो रहा था।

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यौन संतुष्टी

                   यौन संतुष्टी


   थोड़ी देर वो उसकी चूत सहलाता रहा और फिर वो उसका लंड जो करीब 5 इंच का होगा, चूसने लगी।
उसके बाद उसने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और करीब 5 मिनट चोदता रहा और फिर उसने उसकी चूत में अपना वीर्य गिरा दिया, लेकिन वो नीचे से झटके दे रही थी।
थोड़ी देर में वो उसके ऊपर से उतर गया, लेकिन सपना अब भी गर्म थी और
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नौकरानी की टैट बुर


नौकरानी की टैट बुर 

लंड पूरा घुसते ही वो छिपकली की तरह मेरे साइन से चिपक गई. फिर मेने अपना लंड तेजी से उसकी चूत के अन्दर बहार करने लगा मेने उसे कास कास कर चोदा. वो भी गांड उछाल उछाल कर मेरा पूरा साथ दे रही थी. बहुत देर तक चोदने के बाद में उसके बुर में जहर गया. और उसके सिन पर सर रख कर सो गया. थोड़ी देर बाद मेने उसकी चुचियो के बिच अपना लंड रख्खा और उसकी चुचियो को चोदने लगा. थोड़ी देर में मेरा लंड फिर तैयार था. अब मेने उसे डौगी स्टाइल में बिठाया और कहा बबिता अब में तुम्हारी गांड मारूंगा.

वो डर गयी बोली नहीं साब गांड मत फादो बहुत दर्द होगा. आपका लंड बहुत मोटा हे. मेने उसे संजय की पहले थोडा दर्द होगा लेकिन फिर बहुत मज़ा आएगा. वो तैयार हो गयी. मेने उसकी गांड के अन्दर बहार वेसलिन माली और लंड घुसाने लगा. लंड थोडा अन्दर गया की वो दर्द से छटपटाने लगी. और छूटने की कोसिस करनी लगी. पर मेने उसको पकड़ा और धक्के लगाता रहा. वो रोने लगी और मेरा लंड उसकी गांड को रोंद्ता रहा.

थोड़ी देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वो आराम से चुदवाने लगी. काफी देर तक चोदने के बाद में उसकी गांड में झर गया. फिर मेने पूछा क्यों बबिता मज़ा आया…? वो बोली हां साब बहुत मज़ा आया आप बहुत अच्छा चोदते हो अब में रोज़! ! ! ! आपसे ही चुदवाउंगी. फिर तो हम लोग रोज़ ही चुदाई का मज़ा लेने लगे.

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Sunday, February 8, 2015

फ्रेंड की सेक्सी गर्लफ्रेंड


फ्रेंड की सेक्सी गर्लफ्रेंड

हमारे प्लान के हिसाब से सब कुछ सही जा रहा था. करण तो फट्टू लड़का था. टॉप उतारने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहा था. फिर, मैंने सोनाली को किस किया. ५ मिनट जब तक करण करण खड़ा था, मैंने सोनाली का ब्रा भी उतार दिया. मुझे देखकर करण में भी थोड़ी हिम्मत आई. वो उसके बूब्स दबाने लगा और मैं उसे किस किये जा रहा था. फिर, मैंने उसको नैक पर किस किया और फिर उसके बूब्स को चूस रहा था. उनको दबा रहा था. तो वो सिस्कारिया भर रही थी अहहहः अहहहः .. ऊऊऊ ..अगाहः. फिर मैंने उसको बेड पर लिटाया और उसको पूरी नंगी किया और खुद भी पूरा नंगा हो गया. जब तक करण उसको किस करते-करते अपने कपडे उतार रहा था. फिर मैंने उसकी चूत देखी .. क्या चूत थी. फिर मैं उसकी चूत को चाट रहा था. करण उसके बूब्स को चूस रहा था और उसके मुह से अहहः हहहः … जल्दी चोदो, मेरे को ऐसे आवाज़े निकाल रही थी.

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Friday, February 6, 2015

चूत की गर्मी



                                                           चूत की गर्मी

चाची के कमरे के पास पहुँचा तो मुझे कुछ खुसफ़ुसाने की आवाजें सुनाई दी।

मैं ठिठक कर रुक गया और दरवाज़े पर कान लगा कर ध्यान से सुनने लगा।

चाची किसी से कह रही थी– अभी तुम परसों ही तो आये थे, फिर इतनी जल्दी कैसे आना हुआ?

किसी आदमी की आवाज सुनाई दी- मेरी जान, आज तो तुम्हारे पिताजी यानि मेरे ताऊजी ने भेजा है यह सामान देकर। और सच कहूँ तो मेरा मन भी तुमसे मिलने के लिए का बहुत आतुर था।

                                                                     
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साले की पत्नी

        साले की पत्नी

रेखा रसोई में से चिल्लाई- अरे लंड हिला कर उठा.. जैसे मैं करती हूँ ऐसे नहीं उठेंगे..!
अब रेनू बार-बार मेरे लंड को देखे रही थी। वो धीरे-धीरे चल कर बेड के पास आई और बेड पर बैठ गई, कांपते हाथ से लुंगी हटाई, लंड देखा, धीरे से हाथ मेरे लंड पर फेरा और धीरे से बोली- जीजाजी उठो..!
रेनू को मैं नज़र बचा कर बार-बार देख रहा था कि वो क्या कर रही है। फिर जब उसने देखा मेरे पर कोई असर नहीं है, तो वो पूरे लंड को अपने हाथों में भर कर मसलने और खींचने लगी। मेरे लंड का आकार बढ़ने लगा।

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सेक्सी मौसी


सेक्सी मौसी
और फिर मौसी ने स्माइल की और खड़ी होक अपनी नाईटइ निकाल दी. मेरा लंड तो अब पेंट में तूफान उठा रहा था. कुछ समझ नहीं आ रहा था, कि क्या हो रहा हा? फिर मौसी मेरे सामने आकर खड़ी हो गयी.

मौसी – कैसी लग रही है, ये ब्रा और पेंटी?

मैं – क्या मैं इनको छु कर देख सकता हु?

मौसी – हाँ, जरुर बेटा.

फिर., मैं भी खड़ा हो गया और मेरा लंड भी दिख रहा था. वो मौसी ने देख लिया और मैं आगे बढ़ कर मौसी के करीब आ गया अहहहः अह्ह्ह्हह्ह. क्या लग रही थी मेरी मौसी. ऐसे लगा रहा था जैसे हहहहः क्क्क्कक्क्क्क म्मम्मम उनके बूब्स तो फुल कड़क हो गये थे. मैं उनके करीब गया और धीरे से उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी ब्रा के ऊपर रख दिया. अब मैं समझ चूका था, कि मौसी भी तड़प रही है और फिर मैंने धीरे से-धीरे उनके बूब्स को प्रेस करना शुरू किया. अहहाह हहहः उनके मुह से हलकी-हलकी सिस्कारिया निकलने लगी.

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Thursday, February 5, 2015

मैडम के साथ फ़ोन सेक्स-35

             मैडम के साथ फ़ोन सेक्स-35


अंशिका अपनी गांड मटका कर मेरे आगे चल रही थी, बड़ी ही सेक्सी लग रही थी वो पीछे से..

तभी उसका फ़ोन बजने लगा..

उसने बेग से अपना सेल निकाला और देखा, मेरी तरफ देखकर बोली : कनिष्का का फ़ोन है..

और फिर फ़ोन उठा कर बोली : हाँ…कन्नू बोल..हां..अच्छा…ठीक है…हाँ बस ऐसे ही…घूम रहे है अभी तो…हां हां…अच्छा …ले ..ले बात कर ले फिर..

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नेपाली सेक्स स्टोरी “केबिन रेस्टोरेंट “

   नेपाली सेक्स स्टोरी “केबिन रेस्टोरेंट 


 “छिटो लुगा खोल्नुहोस न , सेकुवा खान जानु पर्छ क्या ” उर्मिलाले भनि । मैले पनि सबै लुगा खोले र खाटमा बसे । उनलाई नियालेर हेरे , दुधको पोका सानो सानो थियो र पुती वरीपरी भुत्लै भुत्ला । “दाईको लाडो त मजाको रहेछ नि , कत्रो मोटो र ठुलो । बिस्तारै चिक्नु ल , मलाई दुख्छ ।” “हुन्छ” भन्दै म उसको माथि चढे । उसको दुधको पोका माड्दै , चुस्दै मेरो लाडो उसको पुतीको मुख मा लगे । लाडो हातले समातेर पुतीको दुलोमा राखे र बिस्तारै ठेले । “आईय्या दुख्यो , बिस्तारै हाल्नु न ” उर्मिलाले भनि


                                                                       पुरे कहानी पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक कीजिय 

Tuesday, February 3, 2015

धीरे धीरे कर

                                धीरे धीरे कर
फिर मैं पलट गई और बोली- रामू! अब मेरा गाउन उठा दो, और मेरी पीठ की मालिश कर दो, बहुत दर्द हो रहा है।रामू ने मेरा गाउन पीठ से उठा कर पीठ की मालिश चालू कर दी। मैंने दीवार पर लगे शीशे में देख लिया कि अब वो मेरी पैंटी से ढके मेरे चूतड़ों की उठान और पीठ से चपके मेरी ब्रा के स्ट्रेप को घूर रहा था। मैंने जानबूझ कर फेंसी ब्रा और पैंटी अंदर पहन रखी थी, कि उसकी मर्दानगी को जगी सकूं… मैंने कहा- रामू! मेरी ब्रा का हुक खोल दे, फिर

दामाद जी प्लीज….

             दामाद जी प्लीज….

ससुरी को गांड सहलवाने में बड़ा मज़ा आ रहा था। मेरा नाग चड्डी में फुंफकारने लगा था।

वो ससुरी भी गर्म हो गई थी। साली इतनी गरम हो गई थी कि मेरी बनियान भी फाड़ दी और मेरे होंठों को चूसने लगी। मैं भी गर्म हो गया, मैं भी उसकी मैक्सी उतार कर उसे चूमने लगा था।

मैंने उसके पैर से शुरुआत की। जब उसके चूत तक पहुँचा तो वो सीत्कार करने लगी।

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बच्चे की माँ की टैट चुत


बच्चे की माँ की टैट चुत 

मैंने अपने कपडे उतारे और उसने भी अपनी ब्रा पेंटी उतार दी. उसके मम्मे टाइट थे और निप्पल डार्क ब्राउन चोकोलेटी रंग के थे. उसकी चूत भी उसी रंग की थी और उसकी दरार महरून रंग की थी. उसने ब्राज़ीलियाई वैक्स करवाया हुआ था. उसके झांटे एक खुबसूरत त्रिकोण शेप में थी. मैंने शेम्पियन फ्लूट रिफिल किये और म्यूजिक सिस्टम पर ग़ज़ल चला दिया और दरवाजा खोलकर पूल की तरफ चल दिया. पायल ने कपडे तो उतार दिए थे, पर बाहर नंगी आने में उसे शर्म आ रही थी. मैंने उसको बाथरोब दिया और उससे कहा – इधर किसी को आने की इज्जाजत नहीं है. नौकर भी फार्म के इस एरिया में झांक भी नहीं सकते, जब तक कि उसे बुलाया ना जाए. पूल के किनारे शेम्पियन रखकर मैं पूल में उतर गया. वो बाथरोब पहने रही और पूल के चारो तरफ चहलकदमी कर रही थी. वो शेम्पियन पि रही थी और बारीक़ नजरो से देख रही थी, कि कोई कहीं से देख तो नहीं रहा. अब वो ज्यादा आश्वस्त लग रही थी. उसने अपना बाथरोब उतारा और पूल की सीढियों पर आ गयी. मैं भी चलकर उस तरह पहुच गया. उसको सबसे ऊपर वाली सीढ़ी पर लिटाया और उसकी नाभि को सर्किल कर चूमने लगा. फिर मैं उसकी चूत पर जीभ घुमाने लगा.

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मैडम के साथ फ़ोन सेक्स-34

             मैडम के साथ फ़ोन सेक्स-34

ओह्ह…विशाल..यु आर ..मेकिंग मी वेट , आई वांट मोर ..मोर किस्सेस ..
मैं : ये लो फिर…पुच पुच पुच पुच….
कनिष्का (गहरी साँसे लेते हुए) : अब ये कहाँ दी है..बोलो..बोलो न..

मैंने अपना लंड पायजामे से बाहर निकाल लिया और उसे हिलाने लगा.

मैं : ये..पहली है तुम्हारी पतली गर्दन पर…
कनिष्का : ओह्ह्ह्ह….विशाल….मम्म

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