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Saturday, October 31, 2015

दोस्त की चुदासी बहन

दोस्त की चुदासी बहन 

में अक्सर अपने दोस्त के साथ उसके पास जाता था, वो इतनी सुंदर और गोरी थी कि में उसे बयान नहीं कर सकता हूँ. मैंने उसके साथ सेक्स करने का प्लान तो कई बार बनाया, लेकिन मौका ही नहीं मिलता था. एक दिन, वो मौका आ ही गया मेरा दोस्त एक दिन के लिए अपने घर चला गया और जाते समय उसने मुझसे बोला कि रात को में भावना के पास चला जाऊंगा, क्योंकि उस दिन भावना की दोस्त भी अपने एक रिश्तेदार के पास चली गयी थी. में रात के आठ बज़े अपने रूम से भावना के रूम पर पहुँचा, जो बिल्डिंग के ऊपरी फ्लोर पर था. में जब वहाँ पहुँचा तो मैंने भावना को हाफ पैंट और टी-शर्ट में बेड पर बैठा पाया. में उसके गोरे पैरों को देखता रहता था, लेकिन उसने कभी ध्यान नहीं दिया. फिर में कुछ देर तक उसके साथ बात करता रहा.



Friday, October 30, 2015

दो परिवार की आखिर मिलन हो ही गयी


दो परिवार की आखिर मिलन हो ही गयी

सिमरन की चूत का टेस्ट तो राज सच में लाजवाब है, लेकिन तुम्हारी माँ की चूत भी बहुत गर्म महसूस हो रही है.डाइनिंग टेबल की दूसरी तरफ मेरे और विशाल के बीच में संगीता आंटी बैठी हुई थी. मैंने और विशाल ने उनका एक एक बूब्स हाथ में लेकर सहलाना शुरू कर दिया. संगीता ने विशाल का और मेरा लंड अपने हाथ में ले लिया और सिमरन और अमित अंकल ने 1-1 पैक सबके लिए और बनाया. फिर हमने वो पिया और डिनर स्टार्ट किया.

बेटे ने बनाया माँ को रंडी

बेटे ने बनाया माँ को रंडी 

भूषण की दादी बोली कि देखो बहू यह आदमी शरीफ लगता है, इसने तुमसे माफी माँगी है इसे माफ़ कर दो, बाबूराव भी बोला कि हाँ वन्दना माफ़ कर दो. तो वन्दना बोली कि ठीक है अमर जी और इधर उधर की बातें होने के बाद अनिल और अमर जाने को निकले उन्होंने बाबूराव के माता, पिता के पैर छुए और बाबूराव को बोले कि चलो बाबूराव और दोनों गले मिले और भूषण को अमर ने कहा कि चलो भूषण बेटे. तभी वन्दना भी बाहर आई. अनिल बोला कि ठीक है आंटी बाय. वन्दना बोली कि बाय बेटे आते जाते रहना और अमर बोला कि अच्छा वन्दना जी में अब चलता हूँ.

माँ को चोद कर खुस करदिया

माँ को चोद कर खुस करदिया 

मैंने उसे बताया कि कैसे वो सेक्स कि प्यासी है और मैंने छुपकर देखा है कि पापा आपको पूरी तरह नहीं चोद पाते है, तो वो कुछ नॉर्मल हुई और बोली तेरे पापा अब मुझे नहीं चोदते है तो में उंगली से काम चलाती हूँ. मैंने मौके का फायदा उठाया और उसे लिप किस कर दिया और गाल पर किस करने लगा और माँ के कुछ देर मना करने के बाद मेरा साथ देने लगी. मैंने उसके बूब्स पर हाथ रखा, तो वो सहम गई क्या बूब्स थे उसके इतने सॉफ्ट जैसे कॉटन हो, लेकिन इतनी उम्र में भी ढीले नहीं हुए थे. में एक हाथ से उसके बूब्स को नाइटी के ऊपर से ही सहलाने लगा और लिप किस भी कर रहा था.

Thursday, October 29, 2015

अंकल ने मम्मी को बनाया रखैल

अंकल ने मम्मी को बनाया रखैल 

मैने कई बार नोटीस किया है कि वो मेरी मम्मी को गंदी नज़रो से देखते है और हमेशा टच करने का मौका ढूंढते है। मेरी मम्मी का नाम वीना है, वो एक बड़ी सेक्सी घरेलू औरत है वो हमेशा साड़ी पहनती है और साड़ी हमेशा से अपनी कमर के नीचे बाँधती है, इतनी नीचे कि कभी कभी उनकी झांटे भी हल्की सी दिखाई देती है उनके बूब्स 40 साइज़ के है और उनकी गांड 42 मेरी मम्मी का रंग गोरा है। मतलब वो एक मस्त चोदने वाली औरत है। मुझे मालूम है हमारे पड़ोस में कई लोग उन्हे देख कर आहें भरते है और उनके बारे में गंदी सोच रखते है।



भाई का चूत प्यार

भाई का चूत प्यार 

उसने कहा कि मुझे ऐसा अहसास हो रहा है कि जैसे एक मम्मी आज अपने बेटे को दूध पिला रही है. तो मैंने झटसे उसकी बात का जवाब दिया और उससे कहा कि अब मम्मी मम्मी छोड़ो और अपनी जान का दूध पियो और यह सुनकर वो और भी जोश में आ गया, वो अब और कस कसकर मेरे एक बूब्स को चूसने लगा और दूसरे बूब्स को दबाने लगा, लेकिन कुछ ही देर में मेरे शरीर ने जवाब दे दिया और में झड़ गई, लेकिन यह तो अब सिर्फ़ शुरुआत थी. वो बहुत देर तक मेरे दोनों बूब्स को चूसता और दबाता रहा और में गरम होने लगी. फिर उसने मेरी पेंटी को खोला और मेरी चूत को सहलाने, रगड़ने लगा और फिर अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटने, चूसने लगा. तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मैंने उसका सर पकड़ा और अपनी चूत पर दबा दिया, वो अब मेरी चूत को चूस रहा था. फिर उसने कहा कि आज में अपनी डार्लिंग का पूरा रस पी जाऊंगा.


Wednesday, October 28, 2015

मकान मालिक ने माँ को चोदा

माकन मालिक ने माँ को चोदा 

दोस्तों यह उस समय की कहानी है.. जब मेरे पापा को एक बड़े प्रॉजेक्ट के काम से एक साल के लिए बाहर जाना पड़ा और में और मेरी मम्मी अकेले ही घर पर रह गये थे। फिर हम जिस घर में रहते थे उसके ऊपर वाले कमरों में हमारा मकान मलिक रहता था और उसकी बीवी कुछ समय पहले गुजर गई थी और फिर वो बिल्कुल अकेला ही रह गया था। मेरे मकान मलिक का नाम रमेश था। हमारा मकान मलिक मेरी मम्मी को बहुत घूरकर देखता था और वो मम्मी को बहुत ही पसंद करता था। फिर पापा को गये हुए बहुत दिन हो गये थे और फिर मम्मी अपने बचाए हुए पैसों में से घर का किराया दे दिया करती थी लेकिन धीरे धीरे हमे पैसों की कमी होने लगी और किराया देने में बहुत प्राब्लम होने लगी।

दो देवर ने चूत और गांड चोद डाले

दो देवर ने चूत और गांड चोद डाले 

फिर वो दोनों भी मेरे साथ बेडरूम में आ गये, लेकिन फिर में कुछ बोलती जिससे पहले वो दोनों मुझ पर टूट पड़े. में कुछ समझ भी नहीं पाई कि क्या हुआ और जब पता चला तब तक में बेड पर थी. फिर वो दोनों मेरी बॉडी के एक दूसरी साईड में आ गये और एक ने मेरे मुँह को अपने मुँह से लगा कर बंद कर दिया था और एक किस कर रहा था और उनके हाथ मेरे बूब्स पर थे. मैंने उनसे बचने के लिए बहुत हिलने की कोशिश की, लेकिन हिल नहीं पाई, क्योंकि उन दोनों ने मेरे एक-एक हाथ को अपनी बॉडी के नीचे दबा रखा था और पैरो को भी अपने पैरो में फंसा रखा था.

Tuesday, October 27, 2015

रिश्तों में चुदाई का मज़ा कुछ और है

रिश्तों में चुदाई का मज़ा कुछ और है 

उसका बदन इतना अच्छा है की कोई भी देखते ही झड़ जाये पर मेरे मन मे कभी उसके लिये कोई बुरा ख्याल नही आया कभी भी फिर एक दिन घर पर वो अकेली थी तो मम्मी बाजू वाले घर पर चली गयी थी ओर वो नहाने जा रही थी मेरा घर छोटा होने के कारण बाथरूम अटेच है तो में बिना लॉक करे अचानक से घर मे आ गया ओर में बाथरूम को जाने लगा जैसे ही मै बाथरूम का दरवाज़ा खोलता हूँ तो मेरी आँखे खुली रह जाती है मेरी प्यारी बहन बिल्कुल नंगी मेरे सामने खड़ी थी में उल्टे कदमो से वापस निकल आया ओर उसने फिर अंदर से डोर बंद कर लिया मैने बाहर आकर तुरंत मूठ मारी जब मुझे सुकून मिला फिर वो मेरे सामने आती तो उसे बहुत शर्म आती थी.

माँ की चूत फाड़ दिया दोस्तों ने

माँ की चूत फाड़ दिया दोस्तों ने

मेंने भूपी का पीछा किया भूपी सामने की इमारत से छत पर चला गया। और में दोबारा आकर समारोह में बैठ गया और फिर करीब 10 मिनिट बाद मैने दीपू को बोला आ रहा हूँ क़िसी का फोन आया है और फिर में अंधेरे में पीछे की इमारत जो की पास में ही थी वाहा से ऊपर चड़ गया। मुझको कुछ दिखाई नही दे रहा था पर धीमी धीमी आवाज़ सुनाई दे रही थी।

प्यारी भाबी की प्यासी बुर

प्यारी भाबी की प्यासी बुर

हम दोनों में बहुत हँसी मज़ाक होता था. मेरा ऑफिस पार्ट टाईम था और में दोपहर को ऑफिस से दो बजे अपने घर पर आ जाता था और में सीधा भाभी के घर जाता था, लेकिन में जब भी उनके घर पर जाता था तो भाभी हमेशा टाईट टी-शर्ट और एक छोटी सी स्कर्ट में रहती थी और वो कपड़े उनके जिस्म के कुछ हिस्से को ढक तो लेते थे, लेकिन उनके जिस्म को बाहर से पूरी तरह प्रदर्शित करते थे, जिसमें से उनके बूब्स का साईज पूरी तरह साफ साफ दिखता था.



Monday, October 26, 2015

कार में चोदी गीता को

कार में चोदी गीता को

तीसरे दिन जब मुझे वहां से वापस घर पस वापस आना था, उसी वक़्त मेरे अंकल के पड़ोस में रहने वाली एक हॉट, सेक्सी भाभी को भी राजकोट आना था तो मेरी आंटी ने उन भाभी जी से कहा कि आदि आपको आपकी मंजिल तक छोड़ देगा, क्यों आदि कर दोगे ना यह छोटा सा काम?मैंने कहा कि हाँ वैसे भी में अकेला हूँ और कार में बैठा बैठा बोर हो जाऊंगा, हाँ में इनको छोड़ दूँगा आप तैयार होकर आ जाओ तो वो बोली कि में तो बिल्कुल तैयार हूँ और फिर हम निकल पड़े और थोड़ी ही देर में हमारी बातचीत शुरू हो गई, उनका नाम गीता था और बहुत ही सुंदर थी और उनको देखकर लगता नहीं था कि उनकी उम्र 34-35 साल की होगी. वो तो दिखने में बिल्कुल 27-28 की लगती थी. एकदम सेक्सी, पतली दुबली, बड़ी गांड, गोल चेहरा, साफ रंग, गदराया हुआ बदन और बड़ा ही आकर्षित करने वाले जिस्म जिसको देखकर हर किसी का लंड पानी छोड़ दे. शायद उनके फिगर का साईज 36-30-38 होगा.

दो बहन की चुदासी आदत-2

दो बहन की चुदासी आदत-2

अब आईना के पीछे दो आदमी थे, अंकल और वो दूसरा आदमी और दोनों अब आईना की स्कर्ट उठाकर उसके चूतड़ों को मसलने लग गये. उधर आंटी और उनकी बेटी मेरे बूब्स और चूत को सहलाते हुये मसलने लग गये थे. आंटी ने मेरी टी-शर्ट को मेरी नाभि तक ऊपर उठा दिया और मेरी लेगी को उतारने लगी तो मैंने उन्हें रोका, लेकिन उनकी बेटी ने तुरंत मेरे हाथ पकड़ लिए. फिर आंटी मेरी लेगी को नीचे करने लगी, लेकिन मैंने भी अपने चूतड़ नहीं उठाये तो उन्होंने अपना एक हाथ मेरी गांड के नीचे लगाया और मुझे हल्का सा उठा दिया और फिर मेरी लेगी को पंजो तक पूरी नीचे ऊतार दिया.

Sunday, October 25, 2015

Saturday, October 24, 2015

हसीं रात और बुवा की चूत

हसीं रात और बुवा की चूत 

दोस्तों में कानपुर का रहने वाला हूँ और यह कुछ साल पहले की बात है जब में अपनी बुआ के बेटे की शादी में कानपुर गया हुआ था और वहाँ पर में शादी से कुछ दिन पहले ही चला गया था, क्योंकि मुझे मेरे कज़िन ने बुलाया था कि में उसके साथ उसकी शॉपिंग करवाऊंगा. तो में वहां पर 20 22 दिन पहले ही चला गया था और हमने वहाँ पर बहुत मज़े किए और शादी की बहुत शॉपिंग की और कुछ दिन बाद बुआ जी ने मुझे और मेरे कज़िन को शादी के कार्ड्स देने हमारी एक और बुआ के घर भेज दिया, जहाँ पर में उनसे पहली बार मिला था.

हॉट बीवी दोस्त की मुझसे चुद गयी

हॉट बीवी दोस्त की मुझसे चुद गयी 

अब वो भी गर्म हो रही थी और मज़े ले रही थी. उसके मुँह से सिसकियां निकल रही थी और वो अपने हाथ से मेरे बालों को सहला रही थी. में थोड़ी देर के लिए उठा और झठ से अपने सारे कपड़े उतार कर एकदम नंगा होकर उसके ऊपर सवार हो गया. उसके ज़िस्म पर सिर्फ़ एक पिंक कलर की पेंटी थी, जिसके नीचे उसकी फूली हुई चूत छिपी हुई थी. मैंने झठसे उसकी पेंटी को निकाल कर फेंक दिया. अब उसकी नंगी चूत मेरी आँखों के सामने थी. उसने अपनी चूत के बाल आज ही साफ किए होंगे, क्योंकि उसकी चूत एकदम चिकनी थी, बालों का कही कोई निशान नहीं था, उसे पता था कि आज उसकी चूत चुदेगी इसलिए उसने इसे पहले ही साफ कर लिया था. मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था.

Friday, October 23, 2015

बड़ी गांड वाली पंजाबन आंटी

बड़ी गांड वाली पंजाबन आंटी

आंटी जोर-जोर से उसे चूसने लगी. मुझे बहुत मजा आ रहा था. में आंटी के बालों में हाथ फेर रहा था. फिर 15 मिनट तक लंड चूसने के बाद में उनके मुँह में झड़ गया, वो बाहर उसे थूक कर आई और आंटी ने अन्दर आते ही मुझे स्मूच करने लगी. में भी उन्हें स्मूच करने लगा और वो मेरा लंड पकड़कर सहलाने लगी और मेरा एक हाथ अपने बूब्स पर ले गई और में उन्हें दबाने लगा. मुझे तो बहुत मजा आ रहा था, आंटी ने मुझे पूरा नंगा कर दिया और में आंटी को देखने लगा तो उन्होंने कहा देख क्या रहे हो, मुझे भी नंगा कर दो यार.फिर मैंने उन्हे नंगा कर दिया और उनकी ब्रा हटाते ही में तो उनके बूब्स देखकर पागल हो गया और उनके बूब्स पर टूट पड़ा और ज़ोर से दबाने और चूसने लगा. फिर 5 मिनट तक चूसने के बाद आंटी ने मुझे हटाया और कहा कि मुझे बेड पर लेटने दो, फिर तुम्हारी जो मर्ज़ी हो कर लेना.

कामुक बहन की बुर फाड़ चुदाई

कामुक बहन की बुर फाड़ चुदाई 

यह सब देखकर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मैंने अपने मोबाइल में उसकी एक फोटो खींच ली और में कुछ देर के बाद बाथरूम में जाकर मुठ मारने लगा और करीब एक घंटे बाद वो रूम में से बाहर आई और उस समय तक आंटी भी आ गई थी और उसके बाद में क्या था? में हमेशा उसका वो फोटो देखकर मुठ मारता रहा. तो एक दिन की बात है. जब मेरी आंटी और अंकल कुछ दिनों के लिए अपने शहर से बाहर चले गये. तो उस दिन में और बहन हम दोनों ही घर पर थे, में उसके पास गया और उसे वो फोटो दिखाकर डराने लगा और उससे कहने लगा कि में अब यह फोटो आंटी को दिखा दूँगा.

Thursday, October 22, 2015

तेरी बहन की चूत

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कजिन की वर्जिन चूत की चुदाई

कजिन की वर्जिन चूत की चुदाई

ये आज से 2 साल पहले की बात है, में चंडीगढ़ में जॉब करता हूँ और मेरी कज़िन भी चंडीगढ़ में ही जॉब करती है, हमारे ऑफीस आस-पास ही थे और हम एक ही सोसाइटी में रहते थे, इसलिए सुबह जब में ऑफिस जाता हूँ तो वो भी मेरे साथ ही जाती है, क्योंकि में अपनी कार से जाता था. फिर इसी तरह साथ जाते और आते पता नहीं कब में उसे प्यार करने लगा, लेकिन में शादीशुदा हूँ और वो मेरी बहन थी, इसलिए कभी उससे कह नहीं सका. लेकिन एक दिन मेरी पत्नी अपने घर गयी हुई थी, तो मेरी कज़िन मेरे लिए डिनर लेकर आई, क्योंकि हमारा घर आस-पास ही था. में उस समय में अपने लेपटॉप पर ब्लू फिल्म देख रहा था और जैसे ही मैंने उसकी आवाज़ सुनी, मैंने झटसे अपना लेपटॉप बंद कर दिया और वॉशरूम में चला गया और जब में हाथ धो कर बाहर आया तो मेरा लेपटॉप शिवानी के पास था और उसमे वही ब्लू फिल्म चल रही थी और शिवानी उसे देख रही थी. में उसके पीछे खड़ा था, लेकिन शिवानी को ये नहीं पता था.

Wednesday, October 21, 2015

दोस्त की बहन की चुदाई

दोस्त की बहन की चुदाई 

हम दोनों रुक गये और सांसे लेने लगे करीब 4-5 मिनट के बाद हमारा लंड फिर से खड़ा हो चुका था और सुहाना को देखकर हमारा दिल भरा नहीं था. फिर मैंने अपने दोनों हाथों को सुहाना की गांड के ऊपर से होकर साईड पर ले गया और उसकी पेंटी पर उंगली घुसाकर ज़ोर से एक झटके में उसके पेंटी को पूरा नीचे कर दिया और बाहर फेंक दिया, वाह क्या मस्त माल था, पूरा गोल गोल? तो मैंने दोनों हाथों से उसकी गांड को पकड़ा और उसकी गांड को फैलाया तो उसकी गांड के छेद पर नज़र गई और सोनू भी देखने के लिए आ गया सुहाना की गांड का छेद. मुझसे रहा नहीं गया, हम दोनों सर झुकाकर उसकी गांड को चाटने लगे, कभी यहाँ तो कभी वहां और उसके दोनों पैरों को मैंने फैला दिया था और उसकी चूत भी नज़र आ रही थी और उसकी चूत पर बाल थे, लेकिन ज़्यादा नहीं, बस ढकने के लिए बहुत थे. सुहाना की चूत के बाल पूरी तरह भीग गए थे वो भी पूरा तरह गरम हो गई थी और अब सोनू अपनी जीभ से सुहाना की गांड के छेद को कभी चाट रहा था. तो कभी छेद के अंदर जीभ को घुसाने की कोशिश कर रहा था.

Tuesday, October 20, 2015

चूत की पानी पिया ऑफिसर की बीवी की

चूत की पानी पिया ऑफिसर की बीवी की 

मैंने भाभी को सॉरी बोलते हुए अपने हाथ से ही उनके ब्लाउज के ऊपर से ही पानी पोंछने लगा, में जल्दबाज़ी में भूल गया कि भाभी का पल्लू पूरा नीचे गिरा है और में सॉरी के नाम पर उनका ब्लाउज साफ कर रहा था, भैया का ध्यान टी.वी पर ही था, इसलिए उन्हें पता नहीं चला.
फिर भाभी ने गुस्से से मेरा हाथ अपने ब्लाउज से हटाया और पल्लू सही करके अंदर चली गयी. जब मुझे ठीक से समझ आया कि मैंने क्या हरकत की है, तो मुझे डर लगने लगा कि कहीं वो भैया से या मेरे घरवालों से ये बात ना कह दे.

मकान मालकिन की चुदाई

मकान मालकिन की चुदाई 

मुझे जब भी मौका मिलता था, में उनसे बात ज़रूर करता और इसी बहाने मुझे उनके गोरे गोरे बूब्स को निहारने का मौका मिलता था और में आंटी के बूब्स को देखकर एकदम पागल हो जाता था, क्योंकि उनके बूब्स बहुत बड़े बड़े थे और साड़ी के आँचल से उनकी एक झलक ही मुझे मिल जाए तो में यही सोचकर उनसे बात करता था. फिर में बातों के बीच में उनके बड़े साईज़ के बूब्स, गांड को देखता रहता और शायद धीरे-धीरे इस बात का अंदाजा आंटी को भी लग गया था कि में उनके जिस्म को घूरता रहता हूँ.

Monday, October 19, 2015

लंड की प्यासी दोस्त की माँ

लंड की प्यासी दोस्त की माँ

वहाँ पर एक कंडोम पड़ा था, तो मैंने जानबूझ कर कहा ये कैसा गुब्बारा है. आंटी ने उसे देखा और देखती रह गई और बोली इसे फेंक दो, ये गंदी चीज़ है. मैंने कहा ये नई फैशन का गुब्बारा है कोई गंदी चीज़ नहीं है. उन्हें लगा कि मैंने कभी कंडोम नहीं देखा, तो वो कुछ नहीं बोली. में उस कंडोम को हाथ से खींचने लगा तो उन्होंने कहा इसे फेंक दो, तो मैंने कहा क्यों? तो वो धीरे से बोली ये कंडोम है. मैंने कहा ये क्या होता है? तो वो बोली बेटा में ये सब बाद में बता दूँगी, अभी इसे फेंक दो. मैंने वो फेंक दिया और हम घर आ गये.नेहा बेड पर सो रही थी और में और आंटी नीचे सो गये. मैंने आंटी से पूछा वो क्या था? तो वो कुछ नहीं बोली. मैंने ज़िद की प्लीज बताओ ना, तो वो बोली बेटा वो बच्चे नहीं होने के लिए उसका उपयोग होता है. मैंने कहा कैसे? तो वो कहने लगी मुझे नहीं पता.

मेरी चुदाई की सुरुवात हुई पड़ोसन की चूत से

मेरी चुदाई की सुरुवात हुई पड़ोसन की चूत से 

मैंने आंटी को सॉरी कहा, लेकिन वो फिर भी रोती रही और मैंने आंटी के गाल पर हाथ रखा और उन्हे सॉरी कहा, तो उन्होंने अपना सर मेरी छाती पर रख दिया और रोने लगी, फिर वो बोली कि में पिछले 4-5 साल से बिल्कुल अकेली हूँ और फिर मैंने भी उन्हे हग कर लिया. अब तो मानो कि जैसे मेरे पूरे शरीर में एक करंट सा लगने लगा था और मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया, जैसे तो टेंट हो.मैंने और ज़ोर से हग कर लिया, आंटी ने कहा कि यह क्या कर रहे हो? तो मैंने कहा कि आंटी आप बहुत सुंदर हो और अब मुझसे कंट्रोल नहीं होता और फिर हग कर लिया और शायद उनका भी मन था कि में उन्हे हग करूं, क्योंकि वो 4-5 साल से बिल्कुल अकेली जो थी और उन्होंने मुझे भी हग कर लिया.

Sunday, October 18, 2015

जवान काम वाली की टपकती बुर

जवान काम वाली की टपकती बुर 

दोस्तों में क्या बताऊँ खुशबू को देखकर में क्या कोई भी नहीं रह सकता और उसे देखकर कोई भी नहीं कह सकता कि वो एक कामवाली बाई है, वो तो बिल्कुल परी जैसी लगती है. उसकी उम्र आंटी ने 23 साल बताई थी और उसके बूब्स ज़्यादा बड़े नहीं थे, लेकिन एक हाथ में तो उसका एक बूब्स भी नहीं आ सकता और उसकी कमर बिल्कुल पतली और नीचे से तो वो 36 इंच की ही होगी.दोस्तों उसकी लम्बाई लगभग मेरे बराबर ही थी और काम के कारण ज़्यादा धूप में घूमने से वो थोड़ी ही गोरी है, लेकिन उसका असली गोरा रंग उसके बूब्स से पता चल रहा था. फिर दोस्त ने तुरंत मुझसे पूछा कि सोहेल यार तेरे जान पहचान में किसी को कामवाली बाई चाहिए क्या? तो मैंने पूछा कि क्यों? तो उसने जवाब दिया कि खुशबू को दोपहर से शाम तक के लिए भी कोई काम चाहिए, क्योंकि खुशबू ने मेरे दोस्त के घरवालों से कहा था कि खुशबू को और काम की ज़रूरत है.


Saturday, October 17, 2015

सेक्सी बहन को चुसाया लंड

सेक्सी बहन को चुसाया लंड 

दीदी यह देखकर बहुत गुस्सा हो गई और कुछ नहीं बोली और आगे क्या हो रहा है देखने के लिए वो वहीं रुकी रही. फिर सब ख़त्म होने के बाद मैंने छोटी से बोला कि छोटी अब तेरा जूस पीने का टाईम हो गया है. तुम्हारा दूध का ग्लास लाओ तभी छोटी ने कपड़े पहने और दूध का ग्लास लाने के लिए दरवाजा खोला, तो दीदी बाहर खड़ी थी और शरमा भी रही थी, क्योंकि में नंगा था और छोटी को चोदने के कारण मेरे लंड पर पानी लगा हुआ था, तो बड़ी दीदी बोली तुम लोग यह सब करने के लिए एक साथ सोते हो तुम दोनों कैसे भाई बहन हो.



Friday, October 16, 2015

लम्बी रास्ता बड़ी लंड

लम्बी रास्ता बड़ी लंड 

उसने अपना हाथ मेरे सिर पर रखा और मेरा मुँह उसके लंड कि तरफ खींचते हुए कहा “चल मेरी रानी शुरू हो जा” अंकित के लंड की तो में वैसे ही दीवानी थी. मैंने झट से लंड मुँह में ले कर चलती कार में ही चूसना शुरू कर दिया. अंकित आराम से हाइवे पर कार चला रहा था और में पास की सीट पर बैठ के उसका लंड चूस रही थी और अंकित को मज़े आ रहे थे. अब वो आअहह ऊहह की हल्की-हल्की आवाज़ें निकाल रहा था और वो उसके हाथ से कभी कभी मेरे बालों से खेल रहा था. मैंने अपना चेहरा पूरी तरह उसकी झाटों में गड़ा रखा था और लंड को अच्छे से चूसने में लगी थी.

देवर की दोस्तों ने मेरी गांड चोदी

देवर की दोस्तों ने मेरी गांड चोदी 

में अब अनुज और उसके दोस्तों के लंड को बारी बारी से चूस रही थी और उन सबके लंड एकदम तन गये थे और लगभग 20 मिनट तक चूसने करने के बाद अनुज ने मुझे अपनी गोद में उठाया और बेड पर लेटा दिया. तो आशीष एकदम से मेरे बूब्स पर ही टूट पड़ा और अनुज ने मेरी चूत में धीरे धीरे उंगली डाली. उसने सबसे पहले एक और कुछ देर बाद में दो और सच में मेरी चूत भी बहुत भीग चुकी थी और फिर अनुज बोला कि क्यों मज़ा आ रहा है ना? नमित ने उसका लंड मेरे मुहं में डाल दिया और अब अनुज ने अपना तना हुआ लंड सीधा मेरी चूत में डाल दिया मुझे बहुत ज़ोर से धक्का लगा, जैसे किसी ने मेरी चूत में एक मोटा, गरम सरिया डाल दिया हो. में लंड के अंदर जाते ही एकदम दर्द से छटपटा उठी, मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी जांघो को पकड़ लिया.

Thursday, October 15, 2015

डांक्टर की बीवी की चुदाई

डांक्टर की बीवी की चुदाई 

उस रात मुझे नींद नही आई मै सुबह सुबह नहा के अपने घर से निकला. सारा दिन अपने दूसरे कामो मे लगा रहा और शाम 7 बजे उस पते पर पहुँचा और दरवाजे की घन्टी बजाई तो सामने एक औरत आई मैने उनसे बोला की में राहुल तब मुझे उसने अंदर ले लिया मैं समझ गया की यह वही औरत है और शायद वो भी मेरा इंतजार कर रही थी अंदर जाने के बाद उसने कहा की तुम तो रात को 10 बज़े आने वाले थे मैने कहा की फर्स्ट टाइम किसी ने एड्वान्स मे रुपये दिये है तो मेंने सोचा उसका सब पैसा चुकता होना चाहिये तो मैं जल्दी आ गया. आरती ने स्माइल किया और मैं पागल हो गया क्योकी आरती जितना प्रिया ने बताया उस से बहुत खूबसूरत थी. मैने आरती को कहा की अब अपना काम शुरू करे तो आरती ने मुझे कहा की मैं दो मिनिट मैं आती हूँ. तुम बेडरूम मैं जा कर बैठो और मुझे बेडरूम की तरफ इशारा किया मैं बेडरूम में जा बैठा.

Wednesday, October 14, 2015

भाबी की चूत और चूची की मसाज

भाबी की चूत और चूची की मसाज 

रागिनी 34-28-36 की साईज़ है और अंदर से एकदम कसी हुई है और चुदवाने में उसका जवाब नहीं, उछल-उछल कर ऐसे चुदती है कि रंडिया भी शरमा जाये और लंड तो ऐसा चूसती है कि लगता है कि सारा रस निचोड़ लेगी और सारे कॉलेज के लड़के मज़ा लेकर सुनते और आहें भरते थे कि काश एक बार उन्हें भी रागिनी चोदने को मिल जाये और कई बार तो रागिनी ने कॉलेज बंक करके ग्रुप में भी चुदवाया था. ये सारी बातें उनके बॉयफ्रेंड से ही पता चलती थी.

आंटी की प्यासी चूत

आंटी की प्यासी चूत 

देर के बाद चाची मेरे लिए पानी लेकर आई और वो मेरे बिल्कुल करीब आकर बैठ गयी.
फिर वो मेरी बॉडी को देखकर बोली कि वाह यश तूने तो बड़ी मस्त बॉडी बना ली है और तेरी गर्लफ्रेंड तो तुझसे एकदम खुश रहती होगी? और वो बहुत उदास होकर बोली, एक तेरे चाचा है जो कभी भी मुझे खुश ही नहीं कर पाते है. तो मुझे उनकी बातें बहुत अजीब सी लगी और में उठकर वहां से जाने लगा. तो उन्होंने मुझे रोका और कहा कि नाश्ते में क्या खाओगे? मैंने कहा कि जो आप बनाओगे में खा लूँगा और फिर उन्होंने कहा कि जल्दी से नाश्ता कर लो, फिर मुझे तुमसे एक ज़रूरी काम है. तो मैंने पूछा कि क्या काम है चाची बताओ पहले में उस काम को कर देता हूँ? तो उन्होंने कहा कि नहीं पहले नाश्ता कर ले फिर काम करना.







Monday, October 12, 2015

चुदाई की प्यासी माँ

चुदाई की प्यासी माँ

मैंने अब मुश्किल से वो पेग खत्म किया और मैंने आंटी से खाना खाने के लिए बोला और फिर हम खाना खाने लगे, लेकिन मेरी नज़र आंटी के बूब्स पर बार बार जा रही थी और हमें खाना खाते खाते 12 बज चुके थे और जब में खाना खाकर और अपने सभी कामों से फ्री होकर में जाने के लिए उठा तो ज्यादा पीने की वजह से में थोड़ा हिल सा गया. तभी आंटी मेरे पास आई और उन्होंने मेरे हाथ को पकड़कर मुझे सहारा दिया और उस वक़्त मेरा हाथ आंटी के बूब्स पर था, तो आंटी मुझसे बोली कि संदीप आज तू यहीं पर सो जा, तुझसे चला भी नहीं जाएगा और इससे पहले कि में कुछ कहता आंटी बोली कि और अगर तुझे चोट लग गयी तो रेस्टोरेंट का ध्यान कौन रखेगा?आंटी मुझे अपने बेडरूम में ले गयी और मुझे एक बरमूडा और टी-शर्ट लाकर दी जो कि रॉकी की थी. फिर दारू ज्यादा होने की वजह से मुझसे वो पहना भी नहीं जा रहा था. तो आंटी मेरी मदद करवाने लगी और पेंट उतारते वक़्त आंटी ने मेरे लंड को छुआ और महसूस किया और वो उनके स्पर्श से एकदम तनकर खड़ा हो गया, लेकिन में अभी भी अंडरवियर में ही था तो मेरा लंड खड़ा होते ही आंटी ने उसे पकड़ लिया और बोली कि वाह! इतना बड़ा? दोस्तों मेरा लंड 7 इंच का है.

Sunday, October 11, 2015

मेले में चूत की नुमाइश

मेले में चूत की नुमाइश 

उसने मेरी तरफ एक हल्की सी स्माईल दी और अब में उसकी आँखो में एक अजीब सी चाहत देख चुका था और धीरे धीरे मेरा एक हाथ उसकी जांघ तक चला गया और फिर भी उसने मुझसे कुछ नहीं कहा. वो लाल कलर के गाउन टाईप कपड़े पहने हुई थी और मेरा हाथ धीरे धीरे से बहुत आगे तक चला गया. तभी अचानक से वो उठ खड़ी हुई और दो मिनट बाद वापस आई और मुझे कुछ ना करने का इशारा किया.
तो मेरा दिमाग़ एकदम खराब हो गया, लेकिन उसने मुझसे मेरा मोबाईल नंबर ले लिया और फिर रात में हम सब लेटे हुए थे, तब वो मुझसे मेसेज करके पूछने लगी कि तुम यह सब क्यों कर रहे थे? क्या तुम्हारा मन चंचल हो रहा था और तुम्हारा क्या कुछ करने का इरादा है? उसको देखकर मेरा मन तो पहले ही उसको चोदने का हो चुका था, मैंने साफ साफ मेसेज में लिखकर कह दिया कि तुम मुझे बहुत सेक्सी लगती हो में तुम्हारे ऊपर लेटना चाहता हूँ. वो उस मेसेज को पढ़कर लिखती है कि मन तो मेरा भी यही है, लेकिन यहाँ पर यह सब कैसे? यहाँ पर बहुत लोग है.

चुदासी सहेली मेरी दीदी की चुद

चुदासी सहेली मेरी दीदी की चुद 

दोस्तों वो बहुत ज़्यादा सुंदर थी.. उसकी 5.7 हाईट, कलर दूध से भी ज़्यादा गोरा, बड़ी बड़ी आखें, लंबे काले बाल और फिगर तो ऐसा कि अगर वो मेरी उम्र की होती तो में उससे ही शादी कर लेता. उसके फिगर का साईज 36-28-36 था और उसकी उम्र 29 साल थी. वो लोग MBA की पड़ाई कर रहे थे और जब पढ़ाई करते करते रात को कई बार वो लेट हो जाते तो में उन सबको घर पर छोड़ने जाया करता था.दोस्तों दीदी की सभी फ्रेंड्स मुझसे बहुत घुली हुई थी और कई बार घर पर छोड़ते जाते टाईम हम सब आईसक्रीम भी खाते और इसी तरह मेरी लाईफ चल रही थी. तभी एक ऐसा मोढ़ आया जिसने मुझे उस परी के पास जाने का मौका दिया. एक दिन नेहा हमारे घर पर पढ़ने आई.. लेकिन दीदी उस वक्त घर पर नहीं थी और मुझे नेहा बहुत उदास लग रही थी.


Saturday, October 10, 2015

बुर फाड़ चुदाई की बड़ा लंड से

बुर फाड़ चुदाई की बड़ा लंड से 

तुम बहुत अच्छे से पूजन में हिस्सा ले रही हो. में इसी तरह तुम्हारे पूरे बदन को पवित्र करूँगा और वो मेरी नाभि को चाटते चाटते मेरे पेटिकोट का नाड़ा खोलने लगे, उसे खोलने के बाद उन्हे मेरी गुलाबी कलर की पेंटी दिखी. फिर उन्होंने मेरा पेटीकोट और मेरी पेंटी खींचकर उतार फेंकी और ज़ोर ज़ोर से मंत्रोउच्चारण करने लगे.
फिर में अब बिल्कुल नंगी उनके सामने लेटी हुई थी और वो लगातार मेरी साफ चूत को देख रहे थे और मंत्र बोल रहे थे और फिर अपना हाथ मेरी नंगी चूत पर फेरने लगे और वो बोले कि अब समय आ गया है कि में तुम्हारे अंदर की गंदगी को साफ करूं और में अंदर इस पवित्र तेल की मालिश करता हूँ, तुम दिल से ऊपर वाले को याद करो, तुम्हे पता है कि योनि देवी पार्वती का रूप है और अब अपनी दोनों टाँगे खोलो पुत्री.फिर उन्होंने मेरे पैर पकड़कर फैला दिया और मेरे पैरों के बीच में आकर बैठ गये और वो मेरी चूत पर अपना हाथ घूमा रहे थे और कुछ बड़बड़ाते जा रहे थे. फिर हाथ में तेल लेकर चूत के ऊपर लगाया और मालिश करने लगे. चूत के होंठ उनके छूने से कांप रहे थे, मानो उनमें भी जान आ गई हो. वो उंगली से चूत के होंठ पर मालिश किए जा रहे थे और फिर मुझे महसूस हुआ कि वो मेरी चूत में अपनी उंगली घुसा रहे थे और उन्होंने अपनी उंगली मेरी चूत के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था और वो मेरे चूत के दाने को छेड़ने लग गये और फिर दोबारा शहद लेकर चूत पर उड़ेल दिया. शहद और तेल मिलकर कयामत ढा रहे थे.

सेक्सी माँ की चुदाई की

सेक्सी माँ की चुदाई की 

थोड़ी देर में घर आ गया और हम फ्रेश हुये और लंच किया. अब मामी उसके रूम में बच्ची को लेकर चली गई और में टी.वी. देख रहा था. थोड़ी देर बाद मामी ने आवाज़ लगाई कि आदी यहाँ पर आ जाओ और में वहां गया, तो मेरी आँखे फटी की फटी रह गई. मामी ने काले कलर का सूट पहना हुआ था, उसमें से मामी का दूध जैसा बदन साफ़ दिखाई दे रहा था और उनको देखकर मेरा लंड झटके मारने लगा. मामी हँसते हुये बोली कि क्यों खंभे की तरह खड़ा है, यहाँ पर आकर बैठ बातें करते है. में वहां बेड के पास कुर्सी पर बैठ गया. मामी बोली कि आदी तेरी गर्लफ्रेंड को भी साथ में ले आता. फिर में बोला कि मामी क्यों कान खींच रही हो, मेरे कोई गर्लफ्रेंड नहीं है, तो मामी हँसते हुये बोली कि क्यों तू बड़ा हो गया है ना, तो तेरी गर्लफ्रेंड तो होनी चाहिये. अच्छा कैसी लड़की पसंद है तुझे.

Friday, October 9, 2015

भाबी और माँ की लंड प्यास

भाबी और माँ की लंड प्यास 

मुझे पता है कि एक जवान औरत के जिस्म में कैसी आग लगती है जब मर्द ना हो तो चूत बिना लंड के बहुत तड़पती है. में आज भी बिना चुदाई के नहीं रह सकती हूँ.. तू तो जानती है कि गंगू अब भी मुझे हफ्ते में एक बार चोद लेता है.. तुझे भी कोई ना कोई बंदोबस्त करना चाहिये अपनी जवान चूत की गर्मी निकालने का.. भाभी चुपचाप सुनती रही और फिर बोली कि माँ जी आप ठीक कहती है.. पर आप तो जानती हैं कि मेरे मायके में कोई नहीं है और फिर मुझसे शादी कौन करेगा.. जबकि मेरा पति अभी ज़िंदा है. क़िसी बूढ़े के गले पड़ने से तो आपके साथ रहना अच्छा है.. आपका और देवर जी का प्यार ही मुझे ज़िंदा रहने के लिये काफ़ी है. माँ अचानक मुस्कुरा पड़ी.. हाँ में तो भूल ही गई थी.. तुम राजू को क्यों नहीं पटा लेती.. घर में मर्द है और हमको नज़र नहीं आ रहा है.

दारू, दोस्ती और बुर चुदाई

दारू, दोस्ती और बुर चुदाई

जब मैंने दरवाजे को बजाया तो अंदर से नेहा की आवाज़ आई कौन है? अंदर आ जाओ दरवाजा खुला हुआ है और फिर जैसे ही में अंदर गया तो मैंने देखा कि नेहा अपने बच्चे को दूध पिला रही थी और एकदम से मेरे अंदर आने की वजह से उसने दुपट्टे से अपने बूब्स को ढक लिया था, लेकिन फिर भी उसका एक बूब्स जिसको उसने मुझसे छुपाने की बहुत कोशिश की थी, लेकिन उस जालीदार दुपट्टे में कुछ कुछ दिख रहा था और में अपनी नज़रें संभाल ही नहीं पा रहा था मेरी नजरें हर बार वहीं पर जा रही थी.फिर उसने मुझे बताया कि उसका पति अभी घर पर नहीं है और वो कुछ जरूरी काम की वजह से अपने गावं गया हुआ है. तो मैंने कहा कि ठीक है और फिर में वहां से वापस चला आया, लेकिन में वो सब नजारा देखकर एकदम पागल सा हो गया था और में अपने अपार्टमेंट में आते ही सीधा बाथरूम में गया और उसके मस्त बूब्स को सोच सोचकर मुठ मारने लगा और में अभी अंदर ही था और अपने काम में बहुत व्यस्त था और मुझे इतना भी होश नहीं था कि में अंदर आते समय दरवाजे को बंद करना भूल गया और बाथरूम में चला गया.

आंटी की प्यारी खेलौना बना मेरा लंड

आंटी की प्यारी खेलौना बना मेरा लंड

उन्होंने मेरा हाथ अपने हाथ में लिया और अपनी गीली चूत पर रख दिया. में उनकी चूत में कभी उंगली घुसाता, तो कभी उनकी झाटों से खेलता और बीच बीच में उनकी गांड में भी उंगली कर रहा था और रज़ाई के बाहर तो वो नॉर्मल हरकत कर रही थी, लेकिन अन्दर वो मज़े ले रही थी. मेरे हाथ मुझे बिल्कुल गीले महसूस हो रहे थे और मौसी की चूत गर्म भट्टी की तरह हो रही थी, वो बिल्कुल गर्म हो गई थी, लेकिन इससे ज्यादा वो कुछ नहीं कर सकती थी. उन्होंने मुझे रोका और मेरे कान में धीरे से कहा कि बाकी का सब काम रात में और मेरे लंड को थपथपा कर वहाँ से चली गई. में बिल्कुल अजीब सी हालत में आ गया था मुझे कुछ समझ नहीं आया. बस दो चीज़ों के, एक तो ये सब कुछ गंदी बात है और दूसरी ये कि बहुत मजेदार भी है.



Wednesday, October 7, 2015

चिकनी भोसड़ी वाली भाबी

चिकनी भोसड़ी वाली भाबी 

में खड़ा हुआ और मैंने अपना पजामा उतारा.. तभी वो मेरे 7 इंच के लंड की तरफ ऐसे लपकी कि जैसे कोई भूखी बिल्ली हो. भाभी ने मेरे लंड को मेरी अंडरवियर से बाहर निकालकर ऐसे चूसने लगी कि जैसे कोई आइसक्रीम हो. में बहुत कामुक हो गया था.. में खुद पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा था. फिर में उनके मुँह से अपना लंड निकालकर उनकी चूत की तरफ बढ़ा तो खुद ही भाभी ने जल्दी से अपनी काली पेंटी उतार दी और एकदम क्लीन शेव चूत मेरे सामने कर दी और तभी मेरी हालत खराब हो गई.. मुझे तो पता भी नहीं था कि भाभी की चूत इतनी गोरी होगी.

मम्मी पापा की चुदाई सीन

मम्मी पापा की चुदाई सीन 

पापा धीरे से बिस्तर पर आये और उन्होंने मम्मी के ब्लाउज का बटन खोल दिया और उसे निकाल दिया. पापा अब मम्मी की चूचियों को ब्रा के ऊपर से दबा रहे थे और पापा का हाथ मम्मी की कमर पर कसता चला जा रहा था और दोनों एक-दूसरे को सहला रहे थे. मेरा ध्यान अचानक मम्मी के पेटिकोट पर गया.. जो लगातार कुछ उठ रहा था. मेरे ध्यान देने पर मैंने देखा कि पापा का एक हाथ मम्मी की पेंटी के अंदर जाने के कारण ऐसा हो रहा है. पापा अब मम्मी की चूची और योनि दोनों को मसल रहे थे.. जिससे मम्मी बहुत गर्म हो गई थी. मम्मी पापा से कह रही थी कि जानू अब बस करो और चोद दो तो फिर पापा ने कहा कि नहीं मेरी रानी ऐसे मज़ा नहीं आयेगा. अब पापा ने मम्मी की ब्रा का हुक खोल दिया.. जिससे मम्मी की चूचियाँ ब्रा की क़ैद से आजाद हो गई.. वो कुछ खड़ी भी लग रही थी और उनकी काली निप्पल तनी हुई थी.. जिसको पापा बार-बार दबा रहे थे और बीच-बीच में काट भी रहे थे.

Tuesday, October 6, 2015

सेक्सी गांड वाली कल्पना भाबी

सेक्सी गांड वाली कल्पना भाबी 

दोस्तों मेरे पड़ोस में एक फैमिली रहती है.. जिसमे कल्पना भाभी, उनके पति राजेश अग्रवाल.. जिनकी उम्र 38 साल और वो एक स्कूल में टीचर है.. उनका बड़ा बेटा शिवम 7 साल का है और छोटा बेटा सत्यम 5 साल. दोस्तों में खुद भी एक टीचर हूँ.. इसलिए मेरा उनके यहाँ और आना जाना लगा रहता है. दोस्तों यह आज से करीब एक साल पहले की बात है.. जब में एक काम से उनके घर पर गया हुआ था तो गेट खुले हुए थे और में सीधा उनके घर के अंदर चला गया और में बिना कुछ कहे सोफे पर बैठ गया.फिर मैंने एक आवाज़ लगाई शिवम.. लेकिन कोई भी जवाब नहीं आया तो में इधर उधर देखने लगा. तभी मुझे बाथरूम से कल्पना भाभी के गुनगुनाने की आवाज़ आई और में दबे पैर उस तरफ चला गया और मैंने बाथरूम के गेट में लगी एक जाली से देखा तो अंदर कल्पना भाभी नंगी थी और वो झुककर बाल्टी को किनारे कर रही थी और उनकी गांड बिल्कुल मेरे सामने थी और उनके गोरे गोर कूल्हो के बीच का काला सा गांड का हिस्सा एकदम मदहोश कर रहा था. फिर वो बैठ गई और रगड़ रगड़कर अपने जिस्म को साफ करने लगी और उनके मोटे मोटे बूब्स उन पर दो काले तिल एकदम कातिल लग रहे थे और भाभी नहाने लगी.. लेकिन कुछ देर तक मैंने उन्हे नहाते हुए देखा. फिर यह सब मुझे रिस्क ही लगा तो में सीधा अपने घर पर लौट आया.



Monday, October 5, 2015

सुपर चुदाई हुई ट्रेन में

सुपर चुदाई हुई ट्रेन में 

मैंने कहा कि कुछ मत बताओ.. बस मेरे और करीब आ जाओ. वो मेरे लंड को पकड़े हुए थी.. में उठा और मेरा लंड उसके गालो पर रगड़ गया और मैंने कहा कि देखो यह अपने आप अपनी राह में जा रहा है प्लीज़ आंटी. तो वो चिल्लाकर बोली कि छुओ मत मुझे.. तो मैंने कहा कि सॉरी. वो नशे में थी और में उसकी जाँघो के ऊपर बैठ गया और दोनों पैर आसपास कर लिए और उनके कंधे पर हाथ रखकर चूमने लगा. मुझे उनके एकदम चिकने गाल चूमने में बहुत मज़ा आ रहा था और में अपना एक हाथ उसकी सलवार में ले गया.
फिर उनकी गरम चूत पर फेरने लगा और मैंने महससू किया कि उनकी चूत एकदम गीली हो गई थी. शायद वो अब मूड में आ गई. तो मैंने मौका देखकर धीरे से सलवार को नाड़ा खोला और धीरे से उनकी सलवार को नीचे किया. तो वो बोली कि रूको और मुझे अपने ऊपर से हटाकर खुद ही अपनी सलवार पेंटी नीचे सरकाने लगी और उसकी चूत पर हल्के हल्के बाल थे.. मैंने उनसे कहा कि प्लीज हिलना मत और वो ऊपर की बर्थ को पकड़कर खड़ी हो गई.

रसमलाई की तरह चाटा आंटी की चूत

रसमलाई की तरह चाटा आंटी की चूत 

में समझ गया कि आंटी सब जानती है कल रात के बारे में. फिर मैंने भी मौका देखकर चौका मारा और आंटी से कहा कि आप करवाइये ना मेरी शादी.. तो आंटी ने कहा कि में कहाँ से तुम्हारी शादी करवाऊंगी.. तो मैंने कहा कि अच्छा तो फिर जब तक मेरी शादी ना हो तब तक आप मेरी बीवी बन जाओ.. तो आंटी ने थोड़ी देर सोचकर कहा कि ठीक है.. चलो जब तक तुम्हारी शादी नहीं हो जाती में तुम्हारी बीवी बनकर रहूंगी.. लेकिन तुम्हे वो सब करना पड़ेगा जो एक पति और पत्नी करते है. फिर मैंने कहा क्यों नहीं आंटी.. में तो कब से ये सब करने के बारे में सोच रहा था और मैंने आंटी को अपनी बाहों में ले लिया और उनके चेहरे को चूमने लगा.