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Thursday, April 14, 2016

टीचर की कमीना गिरी

टीचर की कमीना गिरी

मैं आपको एक नई कहानी सुनाने जा रही हूँ जो की बिल्कुल सच्ची कहानी है मैं 19 साल की हूँ और सुंदर लड़की हूँ। मेरी कहानी एक माँ और उसके आशिक़ द्वारा एक मासूम लड़की को गंदे कामों में धकेलने की है मेरे पापा एक बैंक में काम करते हैं और उनकी मम्मी के साथ पटती नही है वे हमेशा देर से घर आते हैं और खाना खा कर सो जाते हैं मेरी तरफ़ उनका ज़रा भी ध्यान नहीं है ये कोई 5 साल पहले की घटना है तब में 18 साल की थी। मम्मी ने मुझे पढ़ाने के लिए एक टीचर रखा था जिसकी उम्र क़रीब 28 साल की होगी। पहले ही दिन मम्मी ने उन्हें और मुझे अपने कमरे में बुलाया और हिदायतें देना शुरू कर दी। मम्मी ने मुझसे टीचर के लिए चाय बनाने को कहा और मैं चली गई जब में चाय लेकर आई तब मैने देखा की मम्मी के कपड़े अस्त व्यस्त थे और टीचर के शर्ट पेर मम्मी के लंबे बाल थे। मम्मी का पावडर भी उन पर लगा हुआ था। में समझ गई थी कि वे दोनो प्यार कर रहे थे।

मेरी कामुक मम्मी

मेरी कामुक मम्मी

मैं पोवदेर कमर पर बलोवसे के अनदर हथ देकर मलने लगा अहिसता अहिसता पुरि कमर पर मलते हुए सिदे से बूबस भि मसलने लगा फिर मैने सिदे से बूबस पर पोवदेर लगते लगते दबने लगा उसको मज़्ज़ा आ रहा था। फिर मैन कहा कि समने घुमो गरदन के पस भि लगा देता हुन। वो घुमि तो बलोवसे के बुत्तुन खुले हुए थे और बूबस बहर ननगे थे। ।बदे बदे बूबस बहुत सेक्सी लग रहे थे, मैने तुरनत गरदन और फिर बूबस पर पोवदेर लगने लगा और अब तो बूबस भि मसल रहा था वो कुच नहि बोल रहि थि। फिर मैने मसलते मसलते हथ बूबस के निचे पेत पर फिर नवहि पर मसला और धिरे से उनका पेतिकोत का नरा खोल दिया, और अपने हथ अनदर दलकर जनघ पर फेरते फेरते बुर पर भि पोवदेर लगने लगा वो बोलि ये कया कर रहे हो मैने कहा थिक से लगा देता हु फिर निनद भि थिक से आ जयेगि। फिर मैने हथ उनके गोल गोल चुतर पर फेरने लगा सच मे बदा मज़ा आ रहा था – मैने पुचा कया मज़ा आ रहा है अरम मिल रहा है अब तो अछा लग रहा है, मैने चुतर पर हथ फेरते फेरते उनके उपर चद गया और बोला अब बान भि दब जयेगा फिर मैने कमर के निचे से बूबस पकद कर जोर जोर से दबने लगा अब वो पुरि तदप रहि थि मैने कहा कितब वला ससेने करते है मेरे बदन मे जोर जोर से गुदगुदि हो रहि है फिर अचनक वो बोलिये कया कर रहे हो, मैने कहा दरवजा बनद है, किशि को पता नहि चलेगा, मैं किसिसे नहि कहुनगा,तुमहरि कसम, और मज़ा भि आ जयेगा,पलेअसे मना मत करो।

पुष्पा भाभी की गरम चूत

पुष्पा भाभी की गरम चूत

तब भी मैं कहा प्लीज़ मुझे यह सब भी पसंद नहीं है, तब भाभी थोड़ा गुस्सा कर के कहा अगर यह भी मुझसे नहीं किया तो मैं पूरे बल्डिंग वाले को जगा दूँगी कि तुम मेरे घर जबरजस्ती आए हो, और मुझे परेशान करते हो, तब मैं और घबरा गया. पर भाभी सेक्सी फिल्म देख कर बहुत ही गरम हो गयी थी. इसलिए वो नहीं मान रही थी और मैंने भाभी को कहा कि अगर तुमने मुझे अब छुआ तो मैं यंहा से चले जाऊंगा. बाद में भाभी भी कहने लगी के ओके तब मैंने कहा ओके सिर्फ़ तुम मेरे साथ खेल सकती हो पर मैं तुम्हें नहीं चोद सकता. उसने कहा ठीक है. भाभी अपने कपड़े पूरी तरह से निकाल दिया और मेरा वाइट टी - शर्ट उतार लिया. वो मुझसे कहने लगी कि अब मेरे ये बूब्स के निप्पल को थोड़ा अपने हाथ के उंगली से मसल और मैं मचलने लगा. और बाद मेँ कहा अपना मुँह ज़रा मेरे मुँह के पास लाओ, जब मैं मेरा मुँह उसके करीब ले गया तो उसने अपने हाथ से मेरा सर पकड़के उसका मुँह मेरे मुँह से किस करने लगा, और वो ज़ोर ज़ोर से स्मूच करने लगी, मैंने कहा अब बस करो मेरा दम घुट रहा है, तब वो और भी जोश में आके उसने करीबन १८-२० मिनिट तक स्मूच किया.

पडोसी के सेक्सी भाबी की प्यासी बुर

पडोसी के सेक्सी भाबी की प्यासी बुर

अब पड़ोसन भाभी का हमारे घर आना जाना शुरू हुआ, मैं उनके लड़के को अच्छे से ट्रीट करता था, जो उन्हें भी अच्छा लगता था! और हम लोगो का घर में आना जाना, एक दुसरे के घर खाना एक्सचेंज करना एक नार्मल सी बात हो गयी थी! हम लोगो की, पड़ोसन भाभी से एक अच्छी tuning, बैठ गयी थी! कभी कभी हम दोनों एक दुसरे को नॉन वेज जोक्स (गन्दे चुटकले) भी सुना देते थे! एक बार मैं घर पर अकेला था, और पड़ोसन भाभी काली साड़ी में अपने बेटे के साथ घर पर आ गयी! उस दिन भाभी गज़ब की लग रही थी! मैं अपने कमरे में था तो, वो मेरे कमरे में आ गयी और अपने बेटे को (जो सो चुका था) मेरे बिस्तर पर लिटा दिया! जैसे ही भाभी नीचे झुकी, उनकी साडी का पल्लू नीचे गिर गया और भाभी के स्तन पूरी तरह से आज मैं देख सकता था! देखते ही मैंने एक कमेंट कसा और कहा! लगता है ये बहुत juicy हैं? भाभी शर्मा गयी और धीरे से बोली तुम भी taste कर लो! मैंने वो अल्फाज़ सुन लिए थे और बोला, तो taste करवाओ! भाभी बोली उसके लिए करीब आना पड़ता है!

Tuesday, April 12, 2016

दीदी के साथ सेक्स चाटिंग

दीदी के साथ सेक्स चाटिंग

दीदी ने लैपटॉप ऑफ किया और मम्मी के पास जाके बातें करने लगी मैं धीरे से अलमारी के पीछे से निकला और कैमरा उठाया और उसे चेक करने लगा की क्या 2 रिकॉर्ड हुआ है कैमरा ओन किया तो मेरी ठुक गयी उसमे बैटरी लो का साइन आ रहा था मैंने उसे चार्जिंग पे लगाया और विडियो क्लिप देखि वो 57 mins की थी मैंने सोचा ये क्या हुआ इतनी छोटी क्लिप केसे हो गयी क्योंकि कैमरा तो बहुत पहले ही एडजस्ट कर दिया था मैंने उस क्लिप को प्ले करके देखा एंड के 27 मीन्स की क्लिप में काम का बस ये रिकॉर्ड हुआ था दीदी आयी लैपटॉप ओन किया स्क्रीन पे फ्लाइंग किस्स किया बस यहाँ तक रिकॉर्ड हुआ था फिर कैमरा ऑफ हो गया था मुझे फिर इतना गुस्सा आया की मैंने बैटरी क्यू नहीं चेक की पहले फिर मैंने उस क्लिप को लैपटॉप मे डाला और जब दीदी पासवर्ड डाल रही थी तब zoom करके क्लिप को बार 2 pause कर कर के देखा और मुझे मजा आ गया क्योंकि मुझे दीदी का पासवर्ड मिल चूका था उनका पासवर्ड था " I love you janu " अब मैंने browsing हिस्ट्री चेक की पहले दीदी ने gmail खोला था तो मैंने दीदी की ID डाली और पासवर्ड बॉक्स में I love you janu डाला और उनका अकाउंट ओपन हो गया मैं खुद पर बहुत फक्र महसूस कर रहा था..

जीजाजी, पहली बार दर्द बहुत होगा, धीरे करना

जीजाजी, पहली बार दर्द बहुत होगा, धीरे करना

रात खाना खाने के बाद मैडम फ्रेश होकर नाईटसूट में बेडरूम में आ गई तो मेरी साली बोली- मैं भी चेन्ज करके आती हूँ। उसके जाते ही मैंने मैडम से कहा- फटाफट से एक किस दे दो। मेरी बीवी बोली- आपकी साली सो जाय तब हमसे चिपक लेना ! "ठीक है मेरी जान, जैसी मर्जी आपकी ! इतने में साली साहिबा फैंसी मैक्सी पहन परफ्यूम लगा कर बेडरूम में आई। उसकी खूबसूरती देख मेरी सांसें कुछ पल थम गई। बैड पर मैं बीच में लेटा था, इधर उधर वे दोनों ! साली की मैक्सी का गला बड़ा था जिसमें से उसकी आकर्षक चूचियों के उभार मेरे मन को कामुक कर रहे थे। पतली कमर पर डोरी कसी देख मेरा लण्ड फूलकर चिपचिपा हो रहा था। खैर गपशप करते सो गए, नीद में करवट ली और कब मैं अपनी साली से चिपक गया, पता नहीं। खैर रात में जब मेरी नींद जब खुली तो देखा कि सालीजी नागिन की तरह मुझसे चिपकी हुई थी, उसकी चूचियाँ साफ दिख रही थी।

Monday, April 11, 2016

गज़ब की प्यासी दो बुर की कहानी

गज़ब की प्यासी दो बुर की कहानी

अब मैंने रात को पूनम का नाम लेकर 2 बार मूठ मार ली थी और अब में उससे मिलने के लिए बैचेन था और काफ़ी टाईम हो गया था और अब अंजली भाभी को चोदने का कोई मौका नहीं मिल रहा था. फिर लगभग 2 दिन के बाद अंजली भाभी का दोबारा फोन आया और बोली कि आज हमारे साथ मूवी देखने आओगे, तो मैंने कहा कि यार कब से तुम्हारे फोन का इंतजार कर रहा हूँ, तो उसने कहा कि तुम उसी मॉल में आ जाओ जहाँ हम पहले मिलते थे. फिर लगभग 2 बजे हम मॉल में मिले और फिर मैंने अंजली से कहा कि कितने दिन हो गये यार तुम्हें अपना लंड चुसवाये, कुछ जुगाड़ करो ना. फिर अंजली बोली कि यार जब से मेरी दोस्त आई है तब से मेरा देवर कही बाहर जाता ही नहीं है और मेरी दोस्त पूनम के साथ वो दिन में 2-3 बार चुदाई करता है.


Saturday, April 9, 2016

उसे भी अपनी चूत चुदाने की इच्छा हो रही थी

उसे भी अपनी चूत चुदाने की इच्छा हो रही थी

वो शायद मुम्बई से आई थी और कुछ दिनों के लिये शहर में थी। उसने मेरा थैंक्स बोला और पूछा मे आई नो योर गुडनेम मतलब क्या मैं आपका नाम जान सकती हूं। मैने कहा रहमान और अपना कालेज क्लब का विजिटिंग कार्ड दे दिया जिसपर मेरा नाम फोन नम्बर लिखा था। मैं जानता था कि तीर सही निशाने पर लगा है, और शाम को उसने फोन किया। अपना पता बताया और सीधा मुझे बुला लिया। मैं जब उसके मकान पर पहुंचा तो वो दरवाजे पर खड़ी मेरा इंतजार कर रही थी। बताया कि कोई नहीं है अंदर आजाओ। आज मुझे शहरी चूत मिलने के पूरे आसार दिख रहे थे। वो मुझे सीधा अपने क्वीन साईज्ड बेडरुम में ले गयी और वहां उसने टीवी आन कर दिया। वो मेरे पास ही बैठ गयी थी। उसने ढीठता दिखाते हुए अपने बाजू मेरे हाथों में सटा दिये थे, मैं तो पहले से ही खिलाड़ी था, सो आराम से उसके पैरों पर हाथ रख दिया और रिमोट दबाने लगा।

मामी कि मुह मै डाली गरम लण्ड

मामी कि मुह मै डाली गरम लण्ड

तो दोस्तो, मेरी मामी घर में गाउन पहनती थीं, उनका बड़ा लड़का सुबह 8 बजे स्कूल जाता था और 4 बजे आता था। छोटा सिर्फ़ 3 साल का था। मैं मेरी मामी के साथ ही पूरा दिन बात करता और टी।वी। देखता था। सुबह मैं अक्सर देर से ऊठता था पर मामी सुबह जल्दी नहा लेती थीं। ऐसे ही एक दिन नहाने के बाद, मामी ने मुझे उठाया और मैं जब नहाने बाथरूम में गया तो देखा कि मामी की काली पैंटी सुख रही थी… उसी दिन दोपहर को मैंने और मामी ने खाना खाया और फिर मैं टीवी देख रहा था और मामी किचन में थीं। दोस्तो, ना जाने मुझे क्या सूझा, मैं उठा और किचन में जा कर सीधे मामी को पीछे से कस के पकड़ लिया। मैं सच कह रहा हूँ, मुझे पता ही नहीं चला कि उस वक्त मुझे क्या हुआ… मैं पागलों की तरह, मामी के बूब्स दबाने लगा। मामी बोलीं – ये क्या कर रहे हो तुम, पागल हो गये हो क्या? मैंने कुछ सुना नहीं और बस मामी को यहाँ-वहां दबाने लगा। फिर मामी ने मुझे ज़ोर से धकेला और बोला – पागला गये हो क्या? ये सब क्या कर रहे हो?


Thursday, April 7, 2016

प्यासी स्टूडेंट रूपा की चूत चाट कर चोदा टीचर ने

प्यासी स्टूडेंट रूपा की चूत चाट कर छोड़ा टीचर ने

वो फर्स्ट बेंच पर बैठती थी. क्लास में वो मुझे हमेशा घूरती रहती थी. लेकिन जब मैं उसको देखता, तो वो शर्माकर नज़रे झुका लेती थी. एक हफ्ते की क्लास की बाद, एक दिन रूपा मेरे पास आई. उसदिनमैंने पहली बार उसकी आवाज़ सुनी.वो बोली – सर, एक प्रॉब्लम है. मुझे सारे सब्जेक्ट समझ आते है, लेकिन मैं कंप्यूटर में बहुत विक हु. प्लीज आप मुझे एक्स्ट्रा टाइम देके समझा देंगे. मैंने कहा – कॉलेज में तो एक्स्ट्रा टाइम देना थोड़ा मुश्किल है. तो उसने बोला – फिर आप मुझे हमारे घर पर प्राइवेट टूशन पढ़ा दीजिये. मैं सोचने लगा, वो बहुत रिक्वेस्ट कर रही थी. ये सुनकर मैं खुश भी हुआ. मुझे थोड़े पैसों की जरूरत भी थी. मैंने उसको कहा – ठीक है, आज शाम को ६ बजे मैं तुम्हारे घर आऊंगा. तब शुरू हुआ, मेरा और रूपा के घर रोज आना जाना. उसके मम्मी- पापा दोनों ही जॉब करते थे और वो उनकी अकेली लाडली लड़की थी. हम लोग रोज़ २ से २:३० घंटे साथ में बिताते थे. थोडा पढ़ते और बहुत बातें करते थे. रात को वो मुझसे फ़ोन पर भी बातें करने लगी थी.

मेरा पहला लेस्बियन सेक्स का अनुभव

मेरा पहला लेस्बियन सेक्स का अनुभव

जब मै उसके घर में घुसी, तो कोई जश्न का माहौल नहीं था; बल्कि उसके माँ-बाप को तो मेरे जन्मदिन के बारे मालूम भी नहीं था. हम लोगो ने किसी आम दिन की तरह खाना खाया और सोने के लिए उसके कमरे में चले गए. घर में सब सो चुके थे और रीमा और मै भी लाइट बंद करके लेट गए थे. रीमा की उंगलिया मेरे बदन पर चल रही थी और वो मुझे नंगा कर रही थी. मैने उसके हाथ पर मारा और बोली, क्या कर रही है शैतान? उसने हँसकर बोला, जानेमन अभी नहीं. थोड़ी देर में लाइट जलाकर जादू दिखाउंगी और जब रीमा ने लाइट जलायी; तो मै दंग रह गयी. रीमा ने मुझे एक कामुक और सेक्सी नाइटी पहना दी थी. उसमे बड़ी मुश्किल से मेरे चुचे ढक रहे थे और उसकी लम्बाई मेरी चूत को और गांड के छेद को बड़ी मुश्किल से ढक पा रही थी. मैने रीमा के गाल पर बड़ी प्यारी से चपत लगायी और बोली, तू बड़ी बदमाश है, क्या चाहती है? रीमा बोली, जानेमन; आज की रात लूट जाने का अरमान है और कुछ लूटने का अरमान है और बड़ी जोर से हँसने लगी.


Wednesday, April 6, 2016

एनआरआई कजिन की चूत का स्वाद

एनआरआई कजिन की चूत का स्वाद

अब उसका फिगर ३४-२८-३२ का हो गया था और उसे देखकर मेरा लंड पगला गया. मैं उससे नज़रे नहीं मिला पा रहा था. उसने मुझे देखा और घूरने लगी. फिर मैं जाके रूम में बैठ गया, तो वो मेरे पास आई और कहने लगी. देखो, वी आर फ्रेंड्स और मुझे तुम्हारी फ्रेंडशिप चाहिए. फिर, हम दोनों की बातें शुरू हो गयी. काफी टाइम गुजर गया. मेरी समर वेकेशन थी, तो मैं उसके घर रहने चले गया और वहां जब वो मेरे सामने आती, तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था. एकबार, वो घर में बाथ कर रही थी और घर में कोई नहीं था. उसने मुझसे टॉवल माँगा और जैसे ही, मैं उसे देने लगा. तो बाथरूम में लगे मिरर से मुझसे उसकी बॉडी दिख गयी और मैं पगला गया. एकदम गोरी बॉडी, मेरी तो लंड खड़ा हो गया. मैं भाग के टॉयलेट गया और मुठ मारने लगा. फिर सोचा, कि मुझे इसे चोदना ही है. फिर बस प्लान बनाने लगा, कि उसे कैसे चोदु? फिर मैं उसे किसी ना किसी बहाने से टच करने लगा. उससे चिपक कर बातें करने लगा. उसने भी वो नोटिस किया और शायद उसे भी अच्छा लगने लगा था और सब एन्जॉय करने लगी.

Tuesday, April 5, 2016

कमसिन हसीना जैसी मेरी भाबी की जवानी

कमसिन हसीना जैसी मेरी भाबी की जवानी

मेरे भाई का घर भी अहमदाबाद में ही है और शादी के बाद उनका हमारे घर पर आना जाना बढ़ गया था, मेरी और भाभी की बहुत अच्छी बनती थी और उस वक्त मेरे पास एक नया फोन था तो एक दिन बातों ही बातों में उन्होंने मुझसे कहा कि क्यों इस फोन में कोई सुंदर सी लड़की का मोबाईल नंबर तो होगा ना? तो मैंने मुस्कुराते हुए कहा कि नहीं आपने मुझे अभी तक आपका कोई नंबर दिया ही नहीं. तभी उन्होंने भी मुझे एक शरारती स्माईल दी और अपना मोबाईल नंबर बताया और मैंने एक मैसेज करके अपना नंबर भी उन्होंने दे दिया, लेकिन अब मेरी कभी भी हिम्मत नहीं हुई उनसे चेट करने की, लेकिन में कभी कभी उन्हें कोई मैसेज जरुर भेज दिया करता था और एक दिन सुबह सुबह उनका एक मैसेज आया जिसमें गुड मॉर्निंग लिखा हुआ था.

आज सारा माल डाल दे मेरे भाई

आज सारा माल डाल दे मेरे भाई 

एक दिन मौसम बड़ा खराब था तो दीदी बाहर गयी थी, शायद उस साल की वो पहली बारिश थी. उस टाईम रात के 9 बज चुके थे और उतने में ही मुझे दीदी का कॉल आया, उसकी गाड़ी स्टार्ट नहीं हो रही थी. उसने मुझे उसकी दोस्त के घर लेने बुलाया. फिर मैंने अपने छोटे भाई बबलू से कहा कि में दीदी को लेने जा रहा हूँ तू खाना खाकर सो जाना. फिर मैंने मेरी बाईक निकाली और उसकी दोस्त ऋतु के घर चला गया. फिर उसकी दोस्त ऋतु ने कहा कि आज रात यही रुक जाओ मौसम बहुत खराब है, लेकिन मैंने कहा कि मेरा छोटा भाई घर पर अकेला है तो हमें जाना होगा. इतने में रिमझिम बारिश स्टार्ट हो चुकी थी. फिर में और दीदी निकल पड़े और थोड़ी ही देर में जोर की बारिश होने लगी तो दीदी और में एक जगह रुक गये. फिर लगभग रात के 11 बजे के करीब बारिश कम हो गयी तो दीदी ने कहा कि वो बाईक चलाना चाहती है तो दीदी बोली कि तू पीछे बैठ में सब संभाल लूंगी.

दादाजी का बूढ़े लंड का स्वाद

दादाजी का बूढ़े लंड का स्वाद

जब बारिश का महीना था और हल्की-हल्की बारिश शुरू हो गयी थी, बस स्टॉप पर सिर्फ़ हम दोनों उतरे. हम दोनों के पास छाता ना होने की वजह से हल्की-हल्की बारिश में भीगते हुए हम घर की और बढ़े, बस स्टॉप से घर करीब 10 मिनट पैदल जाने की दूरी पर है, हम बस स्टॉप से 2-3 मिनट ही चले थे कि बारिश जोर से होने लगी तो हम दोनों तेज-तेज चलने लगे, लेकिन ज़्यादा बारिश होने की वजह से दादा जी बोले कि साईड के बड़े पेड़ के नीचे इंतजार कर लेते है और तेज की बारिश की वजह से में मान गयी और हम दोनों साईड के पेड़ के नीचे चले गये, लेकिन तब तक हम दोनों पूरी तरह से भीग चुके थे और हमारे कपड़े गीले हो चुके थे, उस वक़्त में स्कूल ड्रेस पहने हुई थी जो कि सफ़ेद शर्ट और ग्रे स्कर्ट थी, में पूरी तरह से भीग चुकी थी और मेरी सफ़ेद शर्ट पारदर्शी होकर चिपक गयी थी. मैंने अन्दर ब्रा पहनी हुई थी, लेकिन गीली शर्ट से मेरे बूब्स के शेप का मालूम चल रहा था. फिर मैंने दादा जी की तरफ देखा तो उनकी नज़र मेरी भीगी हुई शर्ट में दिख रहे बूब्स और क्लीवेज पर थी.

Sunday, April 3, 2016

बहन की गरम बुर को ठंडा किया

बहन की गरम बुर को ठंडा किया 

में और करण अपने रिश्तों में बहुत आगे निकल चुके थे और में उस टाईम वर्जिन थी, लेकिन लगता था कि करण ही मेरी सील तोड़ेगा. हम रोजाना रात रातभर चैट किया करते थे और फोन सेक्स के बिना तो मुझे नींद ही नहीं आती थी. फिर एक दिन में देर रात तक करण से चैट करती रही और अपनी चूत में फिंगरिंग भी कर रही थी, में अपने पूरे जोश में थी और उस रात को मेरी चूत से बहुत ज्यादा पानी निकला. अब में और करण सेक्स चैट में इतने डूब गए कि पता ही नहीं चला कि कब हमें नींद लग गई. मुझे रोज सुबह माँ उठाती थी, लेकिन उस दिन अभिषेक आ गया, में तो सोई हुई थी तो वो मुझे घूर-घूर कर देखने लगा. फिर उसने मेरा मोबाईल फोन उठा लिया और मेरी चैट पढ़ने लगा, अब में तो सोई हुई थी. फिर पूरी चैट पढ़ने के बाद उसने मुझे उठाया, अब मुझे उसके चेहरे पर एक कमीनी मुस्कान साफ दिखाई दे रही थी, लेकिन मैंने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. अब मेरा भाई और ज्यादा मुझ पर नज़र रखने लगा था, फिर एक दिन मुझे करण का कॉल आया.

चुदासी माँ बनी लंड प्यास में रंडी

चुदासी माँ बनी लंड प्यास में रंडी 

दोस्तों मेरी माँ वहां पर भी हमेशा उनके सामने अपना रंडीपन दिखाती थी और मेरे पापा के ऑफिस चले जाने के बाद वो सजसवर के नीचे मकान मालिक के घर पर पहुंच जाती थी और वो उन्हें अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए बहुत कुछ किया करती थी. एक बार की बात है, मैंने रवि को मेरी माँ की गांड पर हाथ रखे हुए भी देख लिया था, लेकिन फिर भी माँ उससे कुछ भी नहीं बोल रही थी क्योंकि शायद वो भी अब उससे इन सभी कामों को करवाने की उम्मीद करती थी और वो भी यही सब अपने साथ करवाना चाहती थी. दोस्तों मेरी माँ की रवि और राकेश के साथ बहुत ज्यादा बात होती थी और वो मेरी माँ से बहुत हंस हंसकर बातें किया करते थे और हमेशा मेरी माँ को गंदी गंदी नजरों से देखा करते थे और उन दोनों लोगो की नज़र मेरी माँ की गांड, बूब्स और उनके गदराए हुए सेक्सी बदन पर ही होती थी जिसकी वजह से मुझे मेरी माँ पर पूरा पूरा शक था कि वो मेरे मकान मालिक से अपनी चुदाई भी करवाती है और एक दिन मेरा शक वो सब कुछ देखकर यकीन में बदल गया जिस दिन मैंने वो सब देखा.


हरामजादे का बहन चोदकर बदला लिया

हरामजादे का बहन चोदकर बदला लिया 

मैंने देखा कि निशा अपने बेड पर नहीं थी. में रूम में जाकर देखने लगा तो में जब रूम में अन्दर गया तो अचनाक से दरवाजा बंद हो गया. फिर निशा ने मुझे पकड़कर बेड पर पटक दिया और वो मेरे ऊपर आकर लेट गई. फिर मैंने कहा कि निशा ये क्या कर रही हो? तो उसने कहा कि प्यार जो में तुम्हें अपनी जान से भी ज्यादा करती हूँ. फिर मैंने कहा कि तुम मेरे दोस्त की बहन हो और मेरे पहले से ही एक गर्लफ्रेंड है. फिर निशा ने कहा कि तो फिर ठीक है और आज से तुम्हारे 2 गर्लफ्रेंड है. फिर मैंने कहा कि में ये नहीं कर सकता. फिर निशा ने कहा कि मुझे पता था कि तुम ऐसे नहीं मानोंगे. फिर निशा ने मेरी पेंट के ऊपर से ही मेरा लंड अपने हाथ में ले लिया और मेरे हाथ पकड़कर अपने बूब्स पर रख दिए और वो मुझे लिप किस करने की कोशिश करने लगी. फिर मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया और निशा को धक्का मारकर साईड में कर दिया और उठकर चला गया. उस दिन के बाद में कुछ दिन तक राज के घर नहीं गया.


उसका बड़ा लंड देखकर होश गुम हो गया

उसका बड़ा लंड देखकर होश गुम हो गया 

मेरे कॉलेज में बहुत सुंदर-सुंदर लड़कियां है, लेकिन में थोड़ा शर्मीले स्वाभाव का हूँ, इसलिए कभी किसी से जाकर बात नहीं कर पाता था, में हर आती-जाती लड़की की चूची को देखता रहता था और उन्हें घूरता था कि काश वो मुझे दबाने को मिल जाए. जब में कोंचिंग में था तो कम से कम दबा लेता था, लेकिन इधर 2 साल से कुछ भी हाथ नहीं लगा है और दूसरी तरफ मेरी जवानी रोज़ रात को उफान मारती थी. मेरे दोस्त काफ़ी अच्छे है और मुझे बहुत ही उत्साहित करते है कि में किसी लड़की से बात करूँ और उसकी जमकर चुदाई करूँ, लेकिन कहते है ना कि किस्मत से पहले और वक़्त से ज्यादा कभी किसी को कुछ नहीं मिला है और मुझे लगता है कि ऐसा ही मेरे साथ भी है. फिर ऐसे ही दिन गुज़रते गये, लेकिन कभी ना कभी तो किस्मत को खुलना ही था तो एक दिन मेरे फोन पर एक लड़की का कॉल आया. में लोगों को अपनी बातों में काफ़ी आराम से लपेट लेता हूँ, अगर वो फोन पर हो तो, लेकिन सामने से मुझे शर्म आती है खासकर लड़कियों के साथ. उस लड़की ने ग़लती से मेरा नम्बर लगा दिया था, रात का वक़्त था और उसने सॉरी बोलकर फोन कट कर दिया. फिर मैंने दुबारा से उसे कॉल किया, लेकिन उसने रिसीव नहीं किया.