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Thursday, April 14, 2016

टीचर की कमीना गिरी

टीचर की कमीना गिरी

मैं आपको एक नई कहानी सुनाने जा रही हूँ जो की बिल्कुल सच्ची कहानी है मैं 19 साल की हूँ और सुंदर लड़की हूँ। मेरी कहानी एक माँ और उसके आशिक़ द्वारा एक मासूम लड़की को गंदे कामों में धकेलने की है मेरे पापा एक बैंक में काम करते हैं और उनकी मम्मी के साथ पटती नही है वे हमेशा देर से घर आते हैं और खाना खा कर सो जाते हैं मेरी तरफ़ उनका ज़रा भी ध्यान नहीं है ये कोई 5 साल पहले की घटना है तब में 18 साल की थी। मम्मी ने मुझे पढ़ाने के लिए एक टीचर रखा था जिसकी उम्र क़रीब 28 साल की होगी। पहले ही दिन मम्मी ने उन्हें और मुझे अपने कमरे में बुलाया और हिदायतें देना शुरू कर दी। मम्मी ने मुझसे टीचर के लिए चाय बनाने को कहा और मैं चली गई जब में चाय लेकर आई तब मैने देखा की मम्मी के कपड़े अस्त व्यस्त थे और टीचर के शर्ट पेर मम्मी के लंबे बाल थे। मम्मी का पावडर भी उन पर लगा हुआ था। में समझ गई थी कि वे दोनो प्यार कर रहे थे।

मेरी कामुक मम्मी

मेरी कामुक मम्मी

मैं पोवदेर कमर पर बलोवसे के अनदर हथ देकर मलने लगा अहिसता अहिसता पुरि कमर पर मलते हुए सिदे से बूबस भि मसलने लगा फिर मैने सिदे से बूबस पर पोवदेर लगते लगते दबने लगा उसको मज़्ज़ा आ रहा था। फिर मैन कहा कि समने घुमो गरदन के पस भि लगा देता हुन। वो घुमि तो बलोवसे के बुत्तुन खुले हुए थे और बूबस बहर ननगे थे। ।बदे बदे बूबस बहुत सेक्सी लग रहे थे, मैने तुरनत गरदन और फिर बूबस पर पोवदेर लगने लगा और अब तो बूबस भि मसल रहा था वो कुच नहि बोल रहि थि। फिर मैने मसलते मसलते हथ बूबस के निचे पेत पर फिर नवहि पर मसला और धिरे से उनका पेतिकोत का नरा खोल दिया, और अपने हथ अनदर दलकर जनघ पर फेरते फेरते बुर पर भि पोवदेर लगने लगा वो बोलि ये कया कर रहे हो मैने कहा थिक से लगा देता हु फिर निनद भि थिक से आ जयेगि। फिर मैने हथ उनके गोल गोल चुतर पर फेरने लगा सच मे बदा मज़ा आ रहा था – मैने पुचा कया मज़ा आ रहा है अरम मिल रहा है अब तो अछा लग रहा है, मैने चुतर पर हथ फेरते फेरते उनके उपर चद गया और बोला अब बान भि दब जयेगा फिर मैने कमर के निचे से बूबस पकद कर जोर जोर से दबने लगा अब वो पुरि तदप रहि थि मैने कहा कितब वला ससेने करते है मेरे बदन मे जोर जोर से गुदगुदि हो रहि है फिर अचनक वो बोलिये कया कर रहे हो, मैने कहा दरवजा बनद है, किशि को पता नहि चलेगा, मैं किसिसे नहि कहुनगा,तुमहरि कसम, और मज़ा भि आ जयेगा,पलेअसे मना मत करो।

पुष्पा भाभी की गरम चूत

पुष्पा भाभी की गरम चूत

तब भी मैं कहा प्लीज़ मुझे यह सब भी पसंद नहीं है, तब भाभी थोड़ा गुस्सा कर के कहा अगर यह भी मुझसे नहीं किया तो मैं पूरे बल्डिंग वाले को जगा दूँगी कि तुम मेरे घर जबरजस्ती आए हो, और मुझे परेशान करते हो, तब मैं और घबरा गया. पर भाभी सेक्सी फिल्म देख कर बहुत ही गरम हो गयी थी. इसलिए वो नहीं मान रही थी और मैंने भाभी को कहा कि अगर तुमने मुझे अब छुआ तो मैं यंहा से चले जाऊंगा. बाद में भाभी भी कहने लगी के ओके तब मैंने कहा ओके सिर्फ़ तुम मेरे साथ खेल सकती हो पर मैं तुम्हें नहीं चोद सकता. उसने कहा ठीक है. भाभी अपने कपड़े पूरी तरह से निकाल दिया और मेरा वाइट टी - शर्ट उतार लिया. वो मुझसे कहने लगी कि अब मेरे ये बूब्स के निप्पल को थोड़ा अपने हाथ के उंगली से मसल और मैं मचलने लगा. और बाद मेँ कहा अपना मुँह ज़रा मेरे मुँह के पास लाओ, जब मैं मेरा मुँह उसके करीब ले गया तो उसने अपने हाथ से मेरा सर पकड़के उसका मुँह मेरे मुँह से किस करने लगा, और वो ज़ोर ज़ोर से स्मूच करने लगी, मैंने कहा अब बस करो मेरा दम घुट रहा है, तब वो और भी जोश में आके उसने करीबन १८-२० मिनिट तक स्मूच किया.

पडोसी के सेक्सी भाबी की प्यासी बुर

पडोसी के सेक्सी भाबी की प्यासी बुर

अब पड़ोसन भाभी का हमारे घर आना जाना शुरू हुआ, मैं उनके लड़के को अच्छे से ट्रीट करता था, जो उन्हें भी अच्छा लगता था! और हम लोगो का घर में आना जाना, एक दुसरे के घर खाना एक्सचेंज करना एक नार्मल सी बात हो गयी थी! हम लोगो की, पड़ोसन भाभी से एक अच्छी tuning, बैठ गयी थी! कभी कभी हम दोनों एक दुसरे को नॉन वेज जोक्स (गन्दे चुटकले) भी सुना देते थे! एक बार मैं घर पर अकेला था, और पड़ोसन भाभी काली साड़ी में अपने बेटे के साथ घर पर आ गयी! उस दिन भाभी गज़ब की लग रही थी! मैं अपने कमरे में था तो, वो मेरे कमरे में आ गयी और अपने बेटे को (जो सो चुका था) मेरे बिस्तर पर लिटा दिया! जैसे ही भाभी नीचे झुकी, उनकी साडी का पल्लू नीचे गिर गया और भाभी के स्तन पूरी तरह से आज मैं देख सकता था! देखते ही मैंने एक कमेंट कसा और कहा! लगता है ये बहुत juicy हैं? भाभी शर्मा गयी और धीरे से बोली तुम भी taste कर लो! मैंने वो अल्फाज़ सुन लिए थे और बोला, तो taste करवाओ! भाभी बोली उसके लिए करीब आना पड़ता है!

Tuesday, April 12, 2016

दीदी के साथ सेक्स चाटिंग

दीदी के साथ सेक्स चाटिंग

दीदी ने लैपटॉप ऑफ किया और मम्मी के पास जाके बातें करने लगी मैं धीरे से अलमारी के पीछे से निकला और कैमरा उठाया और उसे चेक करने लगा की क्या 2 रिकॉर्ड हुआ है कैमरा ओन किया तो मेरी ठुक गयी उसमे बैटरी लो का साइन आ रहा था मैंने उसे चार्जिंग पे लगाया और विडियो क्लिप देखि वो 57 mins की थी मैंने सोचा ये क्या हुआ इतनी छोटी क्लिप केसे हो गयी क्योंकि कैमरा तो बहुत पहले ही एडजस्ट कर दिया था मैंने उस क्लिप को प्ले करके देखा एंड के 27 मीन्स की क्लिप में काम का बस ये रिकॉर्ड हुआ था दीदी आयी लैपटॉप ओन किया स्क्रीन पे फ्लाइंग किस्स किया बस यहाँ तक रिकॉर्ड हुआ था फिर कैमरा ऑफ हो गया था मुझे फिर इतना गुस्सा आया की मैंने बैटरी क्यू नहीं चेक की पहले फिर मैंने उस क्लिप को लैपटॉप मे डाला और जब दीदी पासवर्ड डाल रही थी तब zoom करके क्लिप को बार 2 pause कर कर के देखा और मुझे मजा आ गया क्योंकि मुझे दीदी का पासवर्ड मिल चूका था उनका पासवर्ड था " I love you janu " अब मैंने browsing हिस्ट्री चेक की पहले दीदी ने gmail खोला था तो मैंने दीदी की ID डाली और पासवर्ड बॉक्स में I love you janu डाला और उनका अकाउंट ओपन हो गया मैं खुद पर बहुत फक्र महसूस कर रहा था..

जीजाजी, पहली बार दर्द बहुत होगा, धीरे करना

जीजाजी, पहली बार दर्द बहुत होगा, धीरे करना

रात खाना खाने के बाद मैडम फ्रेश होकर नाईटसूट में बेडरूम में आ गई तो मेरी साली बोली- मैं भी चेन्ज करके आती हूँ। उसके जाते ही मैंने मैडम से कहा- फटाफट से एक किस दे दो। मेरी बीवी बोली- आपकी साली सो जाय तब हमसे चिपक लेना ! "ठीक है मेरी जान, जैसी मर्जी आपकी ! इतने में साली साहिबा फैंसी मैक्सी पहन परफ्यूम लगा कर बेडरूम में आई। उसकी खूबसूरती देख मेरी सांसें कुछ पल थम गई। बैड पर मैं बीच में लेटा था, इधर उधर वे दोनों ! साली की मैक्सी का गला बड़ा था जिसमें से उसकी आकर्षक चूचियों के उभार मेरे मन को कामुक कर रहे थे। पतली कमर पर डोरी कसी देख मेरा लण्ड फूलकर चिपचिपा हो रहा था। खैर गपशप करते सो गए, नीद में करवट ली और कब मैं अपनी साली से चिपक गया, पता नहीं। खैर रात में जब मेरी नींद जब खुली तो देखा कि सालीजी नागिन की तरह मुझसे चिपकी हुई थी, उसकी चूचियाँ साफ दिख रही थी।

Monday, April 11, 2016

गज़ब की प्यासी दो बुर की कहानी

गज़ब की प्यासी दो बुर की कहानी

अब मैंने रात को पूनम का नाम लेकर 2 बार मूठ मार ली थी और अब में उससे मिलने के लिए बैचेन था और काफ़ी टाईम हो गया था और अब अंजली भाभी को चोदने का कोई मौका नहीं मिल रहा था. फिर लगभग 2 दिन के बाद अंजली भाभी का दोबारा फोन आया और बोली कि आज हमारे साथ मूवी देखने आओगे, तो मैंने कहा कि यार कब से तुम्हारे फोन का इंतजार कर रहा हूँ, तो उसने कहा कि तुम उसी मॉल में आ जाओ जहाँ हम पहले मिलते थे. फिर लगभग 2 बजे हम मॉल में मिले और फिर मैंने अंजली से कहा कि कितने दिन हो गये यार तुम्हें अपना लंड चुसवाये, कुछ जुगाड़ करो ना. फिर अंजली बोली कि यार जब से मेरी दोस्त आई है तब से मेरा देवर कही बाहर जाता ही नहीं है और मेरी दोस्त पूनम के साथ वो दिन में 2-3 बार चुदाई करता है.