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Tuesday, June 10, 2014

गार्ड की बहू,हिंदी सेक्सी कहानियाँ(Hindi Sex Stories),

                                                        गार्ड की बहू

अभी कुछ महीनों पहले ही हमारे नए मकान का काम शुरु हुआ है और जिस मोहल्ले में हमारा परिवार रहने जाने वाला है, वो बहुत ही सुनसान इलाका है वहाँ गिनती के दो या चार मकान होंगे।
ऐसे में घर की देखभाल करने के लिए चौकीदार की जरुरत तो स्वाभाविक तौर पर आएगी ही, इसीलिये मेरे पापा एक चौकीदार की खोज करने में जुट गए।
कुछ ही दिनों में हमें एक चौकीदार महिला मिल ही गई। वो महिला उम्र में कुछ साठ या पैंसठ साल की होगी और उसका मकान भी हमारे मकान के पास ही है।
उसके मकान में कुल छः लोग रहते हैं वो, उसका लड़का, उसकी बहू और उनके तीन बच्चे।
उस चौकीदार की बहू का नाम सुशीला है। चौकीदार के पति की मौत होने के कारण अब उसके घर की देख-भाल उसका लड़का यानि सुशीला का पति करता है।
मैं आपको बता दूँ कि सुशीला दिखने में बहुत ही सुन्दर है उसका रंग साँवला है, पर फ़िर भी वो दिखने में कमाल है।

Saturday, June 7, 2014

साक्षी की चूत के मजे, हिंदी सेक्सी कहानियाँ(Hindi Sex Stories),

 साक्षी की चूत के मजे


उसकी बहन का नाम शाक्षी था था और उसके पहनावे जो की बिन बाजू वाला टॉप और छोटी सी स्कर्ट को उस लड़की ने नए जमाने के ख्यालों को साफ़ बरकरार कर रहा था. विपुल ने मेरा इंट्रोडक्शन साक्षी से करवाया और यकीन मानियें मेरा ध्यान तो उसके चुंचो में ही था. अब जब मैं विपुल की चचेरी बहन शाक्षी का दोस्त हुआ तो उससे बात करना तो बनता ही है. मैंने उसे परिचय दिया और हलकी – फुलकी बातें करनी चालू कर दी. वो तो मुझसे दो पल में ही खुल गयी और मुस्काते हुए बतियाने लगी और मैं एक बार में ही उसके साथ सेक्स के ख्याल बुनने लगा.  अब वो मुझे जब भी नीचे मिलती तो मैं अपने दोस्त से छुपकर उससे बातें भी किया करता था और धीरे – धीरे वो भी मेरी दोस्त सी बन ही चुकी थी.
एक दिन मैं अपने दोस्त के घर पहुंचा तो पता चला की शाक्षी घर पर अकेली है और मैं यह मौका अपने हाथ से कैसे जाने देता. मैं वही शाक्षी से कुछ आधा घंटा बात करने लगा तो और फिर बीच में धीरे – धीरे उसकी तारीफें करता हुआ उसके हाथ को अपनी उँगलियों से सहलाने लगा जिसपर उसने मुझे नहीं रोका. मुझे अब समझ आ ही गया था की मेरा आगे रास्ता बिलकुल साफ़ है और  मैं अब उसके चुचों को उसके टॉप के उप्पर से ही दबा रहा था.

पहला सेक्स बाथरूम में, Hindi Sex Stories,



पहला सेक्स बाथरूम में

मेरा नाम मेहराना है। अभी मेरी उम्र 24 साल की है। अभी तक कुवारीं हूँ। लेकिन इसका मतलब ये नहीं की मेरी चूत भी कुवारी हैं। ये तभी चुद गयी थी जब मेरी उम्र 13 साल भी नहीं हुई थी।
तब मै आठवीं कक्षा में पढ़ती थी। उस दिन घर में मेरी अम्मा भी नहीं थी। मै और मेरा भाई जो कि मुझसे 5 साल छोटा था घर पर अकेले थे। उस दिन स्कूल की छुट्टी थी। इसलिए मै घर के काम कर रही थी। मेरा छोटा भाई पड़ोस में खेलने चला गया था। मै बाथरूम में नहाने चली गयी। अपने सारे कपडे मैंने हॉल में ही छोड़ दिए और नंगी ही बाथरूम में चली गयी। क्यों कि घर में तो कोई था नहीं इसलिए किसी के देखने का कोई भय भी नहीं था। बाथरूम में आराम से मै अपने चूत को सहलाने । सहलाते सहलाते अपने चूत में ऊँगली डाल ली। पूरी ऊँगली अन्दर चली गयी। बड़ा ही मज़ा आया। अन्दर चूत में ऊँगली का स्पर्श साफ़ महसूस हो रहा था। मै अपने ऊँगली को चूत में घुमाने लगी। मुझे लगा कि शायद चूत में अभी भी बहूत जगह इसमें खाली है। मैंने बाथरूम में रखा हुआ पुराना टूथब्रुश लिया और उलटे सिरे से पकड़ कर अपने बुर में डाल लिया। मै नीचे जमीन पर बैठ गयी और अपनी दोनों टांगो को पूरी तरह फैला दिया। इस से मुझे अपने बुर में ब्रश डालने में काफी आसानी हुई। अब मुझे बहूत ही मज़ा आने लगा। इतना मज़ा आ रहा था कि पेशाब निकलने लगा। करीब आधे घंटे तक मैंने अपने चूत में कभी शेम्पू तो कभी नारियल तेल डाल डाल के मज़ा लेती रही। और ब्रश से चूत की सफाई भी करती रही। थोड़े देर के बाद मै नहा कर वापस अपने कमरे में आ गयी। थोड़ी देर के बाद मेरा छोटा भाई भी बाहर से आ गया।

Sunday, May 11, 2014

मेरी सेक्स स्टोरी,Hindi Sex Stories

मेरी सेक्स स्टोरी,Hindi Sex Stories

हाय ! मेरा नाम अली है और मै पाकिस्तान में रहता हूं। मेरी उमर अभी १८ है। मैं अभी आज कल आवारा गर्दी कर रहा हूं। मैं ५'४'' का हूं। मेरा लंड का साइज़ तो नहीं ज्यादा बड़ा है न ही ज्यादा मोटा है। मेरे लंड का साइज़ ७" के करीब है और मोटाई २" है। मैं आज आप लोगो को अपनी पहली स्टोरी सुनाता हूं जो मैने अपनी भांजी के साथ किया था। ये मेरी रियल स्टोरी है। और मैं अपनी स्टोरी पहली बार लिख रहा हूं। इसलिये हो सकता है कि कुछ गलती भी हो जाये। और कोई चीज छूट भी जाये।

वैसे बात आज से ६-७ महीने पहले की है। उसका नाम सोनिया है। उसकी हाइट भी मेरे जितनी ही है। वो ज्यादा गोरी तो नहीं लेकिन थोड़ी सांवली है, लेकिन उसके बूब्स का साइज़ ३२ है और शरीर से स्वस्थ लगती है। उसकी गांड भी बहुत मस्त है। दिल करता है कि उसे सहलाता ही रहूं और हमेशा उसके गांड मे अपना लंड डाले रहूं। वो और हम साथ साथ एक ही स्कूल मे पढ़ते थे। उसी वक्त उससे मुझे प्यार हो गया और उसे भी मुझसे प्यार हो गया था। वो रिलशन में मेरी भांजी लगती थी। लेकिन एक ही उम्र होने के कारण वो हमेशा मुझे नाम से बुलाती थी।

Tuesday, April 29, 2014

मामाजी के साथ वो पल, hindi sex stoies

मामाजी के साथ वो पल


 आज आपको अपनी ऐसी ही एक कहानी सुनाती हूँ। मैं उस वक़्त बी ए के दूसरे साल में थी, अकेली रह कर पढ़ती थी। परीक्षा से पहले पढ़ाई की छुट्टियों में मैं घर जाने की जगह वहीं पास में अपने रिश्ते के एक नानाजी के यहाँ रुक गई। वहाँ नाना-नानी, मौसी और मेरे मामा रहते थे। मामा मुझसे सिर्फ 5 साल ही बड़े थे और हम दोनों काफी खुले हुए हैं आपस में। वो मुझसे अपनी हर बात कह देते थे और मैं भी। वहाँ दोपहर को सबकी सोने की आदत है, उस दिन भी सब सो रहे थे और मैं और मामा पीछे के कमरे में बिस्तर पर बैठ कर बातें कर रहे थे। बातें करते करते मैं लेट गई, मामा वहीं पीठ टिका कर बैठे थे इसलिए मेरे स्तन उन्हें साफ़ दिखाई दे रहे थे। उनकी आँखे नशीली होने लगी। धीरे से वो मेरे बालों में हाथ फेरने लगे, मुझे अच्छा लग रहा था। मैं उनसे सट कर लेट गई। मेरा चेहरा उनकी तरफ था, वो मुझे सुलाने लगे, मैंने अपना एक हाथ उनकी ताँगों के ऊपर रख दिया। मैंने एक चादर ओढ़ी हुई थी जिसे उन्होंने अपने ऊपर भी डाल लिया। उनका एक हाथ मेरे बालों में और एक हाथ मेरे हाथों से होते हुए मेरी पीठ पर था।

कामुक और उत्तेजक शायरी, sexy poem

हमारी एक मुस्कुराहट पर वो हमसे सेक्स कर बैठे; 
वाह वाह। 
हमारी एक मुस्कुराहट पर वो हमसे सेक्स कर बैठे; 
वो पैंटी पहनने ही वाली थी कि हम फिर से मुस्कुरा बैठे।



अर्ज़ किया है: 
उड़ती हुई फ्रॉक को काबू में रखो; 
उड़ती हुई फ्रॉक को काबू में रखो; 
वाह! वाह! 
पैंटी ना पहनो कोई बात नहीं, कम से कम बगीचा तो साफ़ रखो।





मोहब्बत बहुत अच्छी है वार (War) से; 
क्योंके कंडोम सस्ते मिलते  हैं तलवार से।