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Thursday, July 31, 2014

चचेरी बहन की कुँवारी चूत, Hindi Sex Stories

uuयह मेरी अन्तर्वासना में पहली कहानी है। मैं एक मुंबई रहने वाला १९ वर्षीय युवक हूँ। यह बात उस वक्त की है जब मेरे दादाजी का देहांत हुए एक साल हो चुका था और उसी वजह से सबको गाँव जाना था। लेकिन मेरी परीक्षा के कारण मु्झे रुकना पड़ा लेकिन मेरी देखभाल के लिए किसी को तो रखना था। उसी वक्त मेरी चचेरी बहन नौकरी के कारण मुंबई हमारे पास आई हुई थी। और उसी की जम्मेदारी पे घरवाले मुझे छोड़कर गाँव चले गए।

मेरी चचेरी बहन का नाम वंदना(बदला हुआ) है। उसकी उमर २८ की थी लेकिन उसकी शादी नहीं हुई थी। ओर उस वक्त मेरी उमर १८ की थी। पाँच दिन बाद मेरी परीक्षा ख़तम हो गई। इसी के कारण मैंने बाज़ार से ब्लू फ़िल्म की सीडी लाकर मेरे सीडी प्लेयर के नीचे छुपा दी थी। उस वक्त दोपहर का समय था। उसी वक्त एक दोस्त आकर मुझे खेलने के लिए ले गया। मेरी चचेरी बहन घर पे ही थी। न जाने कैसे सफाई करते वक्त वो सीडी उसके हाथ लग गई और उस सीडी के कवर के ऊपर नंगे फोटो भी थे।

उसी वक्त मैं घर में आ धमका, और उसके हाथ में वो सीडी देखकर दंग रह गया और घबरा के सर नीचे झुका लिया।


चुदासी भाभी की कुम्भकर्णी नींद, Hindi Sex Stories


दोस्तो, मेरा नाम संजू गुप्ता है, उम्र 24 साल, अभी मेरी शादी नहीं हुई है। मेरे परिवार में 7 लोग हैं।
मैं, मेरा भाई, मेरे माँ-बाप, भाभी और भाभी के दो बच्चे।
मेरी भाभी का फिगर 36-30-38 एकदम कामुक लगती हैं। उनका रंग गोरा है, उम्र 28 के करीब होगी।
यह कहानी नहीं, सच्ची घटना है जो आप के साथ भी कई बार घटी होगी।
बात एक साल पहले की है, गर्मियों का मौसम था, हम सब छत पर सोते थे।
मैं छत पर खाट बिछा कर सोता था और सभी लोग छत पर बिस्तर बिछा कर सोते थे। मेरी भाभी मेरे पलंग के बाएं ओर नजदीक ही सोती हैं। वो बहुत गहरी नींद में सोती हैं।
एक दिन जब हम सभी छत पर सो रहे थे। लगभग रात को एक बजे मेरी नींद खुली, मुझे प्यास लगी थी, मैंने सोचा कि पानी पीकर फिर से सो जाता हूँ।
मैंने अपनी बाएं तरफ जैसे ही उतरने को हुआ तो देखा मेरी भाभी का ब्लाउज खुला है और पेटीकोट ऊपर को खिसक गया है। भाभी अन्दर ब्रा और नीचे पैन्टी नहीं पहने थीं इसलिए दोनों मम्मे बाहर लटक रहे थे।
भाभी करवट लेकर सो रही थीं इसलिए उनकी पूरी पिछाड़ी दिख रही थी। चाँद की रोशनी बहुत तेज़ होने से सब साफ नजर आ रहा था। ये देख के मेरे होश उड़ गए।

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फूफा जी ने मेरी माँ चोद दी, Hindi Sex Stories

yyमेरा नाम मोनू है। मैं 26 साल का लड़का हूँ। मैं सीकर का रहने वाला हूँ। मैं आज आपको मेरी मम्मी और मेरे फूफा जी के बारे में बताता हूँ। बात शायद 15-16 साल पुरानी है, मेरी मम्मी बड़ी ही सुंदर और गोरी हैं, देखने में बहुत ही मस्त लगती हैं। मुझे यह कहने में ही शर्म आ रही है, मगर क्या करूँ, मेरी मम्मी ने काम ही कुछ ऐसा किया था।
मेरी मम्मी बहुत ही लड़ाकू किस्म की महिला हैं। वो मेरे पापा और दादा-दादी से लड़ती रहती थीं। ऐसे ही एक बार मेरी मम्मी सब से लड़ कर मेरे नाना-नानी के घर पर आ गई थीं। हम लोग नाना-नानी के घर पर एक महीने से ज़्यादा समय से रह रहे थे।
एक दिन मेरे फूफा जी जो कि जयपुर में रहते हैं, हमारे घर आए। वो वहाँ पर किसी काम से आए थे और उन्हें 3-4 दिन वहीं पर ही रुकना था। उन्होंने खुद के लिए एक होटल में कमरा किराए पर ले रखा था। एक दिन वो हमारे घर आए। मेरे फूफा जी हमें बहुत अच्छे लगते हैं क्योंकि वो हमेशा हमारे लिए बहुत सा सामान लाते थे। मेरे फूफा जी 6 फुट लंबे गोरे और स्मार्ट हैं। उस समय उनकी उम्र 28 साल के लगभग रही होगी।

ट्रेन में देवरानी-जेठानी चुदाई , Hindi Sex Stories


hhh 2यह सत्य घटना है चूँकि मैं सेल्स प्रोफेशन से हूँ, कई बार जल्दी में बिना रिजरवेशन के भी यात्रा करनी पड़ती है।
इसी तरह मुझे ठंड के दिनों में कटनी जाना था, मैं सारनाथ एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच में बैठ गया। मेरे बाजू में दो औरतें बैठी थी। ट्रेन चलने के थोड़ी ही देर बाद मुझे नींद आने लगी। नींद में मेरी कोहनी बगल में बैठी औरत की छाती से टकराने लगी। कुछ देर बाद उसने मुझे अपने से दूर कर दिया जिससे मेरी नींद खुल गई पर मुझे समझ आ गया कि उसे कुछ मजा आ रहा है। मैं फिर नींद का बहाना कर जानबूझ कर उसकी छाती को अपनी कोहनी से दबाने लगा।
उसे धीरे-धीरे मजा आने लगा था और मेरी हिम्मत भी बढ़ने लगी थी। चूँकि ठंड के दिन थे अतः वो शाल ओढ़े हुई थी। मैंने धीरे से अपना हाथ बढ़ा कर उसके छाती को दबाया वो भी नींद का बहाना करने लगी थी पर मुझे समझ आ रहा था कि वो भी मजे लेना चाह रही है।
मैं अपने हाथ से धीरे धीरे उसके स्तनों को उसकी शाल के अंदर दबाने लगा था। उसकी हल्की हल्की सिसकारियाँ निकलने लगी थी। उसने मुझे इशारा किया कि लाइट जल रही है, कोई देख सकता है। मैंने उसकी शाल से हाथ बाहर निकाल लिया।
थोड़ी देर बाद मैं पेशाब जाने के बहाने उठा वापिस आकर मैं बोला- लाइट बंद कर दो, नींद नहीं आ रही है।
तो लाइट बंद हो गई। चूँकि ठंड के दिन थे इसलिए खिड़कियाँ भी बंद थी इससे उधर अँधेरा हो गया और मुझे आजादी मिल गई।

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Tuesday, July 29, 2014

भाई का लंड बहन की चूत में, Hindi Sex Stories


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हाई दोस्तों मेरा नाम गुलशन (नाम बदला हुआ) हैं और मैं मुंबई का रहने वाला हूँ. यह बात कहते हुए मुझे थोड़ी सी शर्म और बहुत सारा गर्व हैं. यह कहानी हैं मेरी और मेरी बहन की चुदाई की. मेरी बड़ी बहन का नाम दिव्या हैं और वो कोलेज के सेकण्ड इयर में हैं. 19 साल की हैं और मैं उस से एक साल छोटा हूँ. उस दिन से पहले मैंने अपनी बहन के बारे में अभी ऐसे नहीं सोचा था. लेकिन उस दिन जो हुआ वो बहुत ही मजेदार और सेक्सी था. मेरे माँ और बाबूजी किसी की शादी के रिसेप्शन में कल्यान गए थे और वो रात को लेट आने वाले थे. घर में मैं, दिव्या और हमारी नौकरानी रीटा थे. रीटा ने शाम का खाना जल्दी बनाया और वो अपने क्वार्टर में चली गई जो किचन के पीछे पड़ता था.दिव्या दीदी सोफे के ऊपर बैठ के टेलीविजन देख रही थी. मुझे बोर लग रहा था इसलिए मैंने सोचा की लाओ एकाद सेक्स स्टोरी पढ़ के मन बहला लूँ. अपने कमरे में जाके मैंने लैपटॉप में इसी साईट की बड़े लंड वाली स्टोरी को पढ़ा. देसी स्टोरी पढ़ के किसका लंड खड़ा नहीं होता. मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ. मेरा लौड़ा फट से तन गया और मेरे बरमुडे को टकराने लगा. मैंने सोचा की चलो लगे हाथ मूठ भी मार लूँ ताकि खाने से पहले सब काम निपट जाएँ. मैंने बाथरूम का दरवाजा खोला और अंदर बाथटब भर लिया. गर्मी के दिन थे इसलिए मैंने ठंडा पानी ही भरा था. सौभाग्य से मैं उस दिन बाथरूम का दरवाजा बंध करना किसी तरह भूल गया. शायद हस्तमैथुन का भूत सवार था मेरे मन पे इसलिए ही मैं भूल गया था. मैंने अंदर जाके बाथटब में अपने आप को भिगोया और फिर टब की साइड वाली जगह के ऊपर बैठ गया



स्टोर रूम के अंदर नंदोई साथ मस्ती, Hindi Sex Stories

888aहाय मेरा नाम रिया शर्मा हैं और मेरी उम्र 32 साल की हैं. मेरी शादी को 10 साल हो गए हैं. और आज मैना अप को जो कहानी बताउंगी वो मेरी और मेरी नंदोई यानी के मेरे पति के जीजा की हैं. मेरे पति की सिर्फ एक ही बहन हैं. वो मेरे पति से 3 साल बड़ी हैं. वो अपने पति के साथ दिल्ही में रहती हैं. वो बड़ी सुन्दर हैं और उसके पति यानी की मेरे नंदोई उस से भी सुन्दर हैं. वो एक चौड़े सीनेवाले मर्द हैं जैसे की हर औरत चाहती हैं.
मेरे नंदोई काफी मजाकिया हैं और मेरी उनके साथ अच्छी बनती हैं. क्यूंकि मेरी ननंद मुझ से उम्र में बड़ी हैं इसलिए मैं नंदोई के साथ मजाक कर सकती थी. लेकिन फिर मुझे लगा की नंदोई के मन में कुछ चल रहा था क्यूंकि वो अलग ही भाव से मुझे देखते थे. आर जब मैं अकेली होती तो कभी कमर के ऊपर चिकोटी या कभी मेरे इतने करीब आ जाते की मैं उनकी साँसे सुन सकती थी. उनकी यह हरकतें मुझे अंदर से अच्छी लगती थी लेकिन मैं नाटक करती थी की मुझे पसंद नहीं हैं ऐसा सब.
तब होली का मौका था और मेरी ननंद अपने पति के साथ आई थी मेरे ससुराल में. हमारें यहाँ होली बड़ी शान से मनाते हैं और फिर जीजा साले वगेरह में तो कोई भी त्यौहार मस्त ही होता हैं. उस दिन भी ऐसा ही हुआ. ननंद तो 10-15 मिनिट होली खेल के बैठ गई लेकिन मेरे नंदोई तो मेरे पीछे ही पड़ गए थे जैसे. उन्होंने मुझे खूब रंगा और सब के सामने ही मेरी कमर तक को रंग से लपेड दिया. मैं भाग के अपने कमरे में घुसी और वो वहां भी पीछे आ गए. मैंने दरवाजा बंध करने का प्रयास किया लेकिन वो उसे खोल के अंदर आ घुसे. और अंदर घुसते ही उन्होंने अपने हाथो से मुझे दबोच लिया.

सेक्सी मस्त पंजाबन कुडी ! नंदीनी

सेक्सी मस्त पंजाबन कुडी ! नंदीनी
मेरा नाम है नंदिनी ! मैं एक दिलफेंक पंजाबन हूँ, मेरी पतली कमर, गोल-गोल गांड है, दो खरबूजे जैसे आकार में आ चुके मेरे मम्मे, जिन पर शायद ही किसी मर्द की नज़र न जाती होगी। मेरे मम्मों पर तो औरतों तक की नज़र टिकने लगती है। मैं एक शादीशुदा लड़की हूँ। स्कूल से ही मैं एक चालू लड़की रही हूँ। फिर कॉलेज में तो मैं हसीन रंडी बन गई, कई लड़कों के लौड़े चूत में डलवाए और उनके साथ होटलों में चुदाई करवाई। कभी-कभी लड़के किसी के दोस्त के घर की चाभी लेकर मुझे ले जाते और ठोकते।
मैं कुछ यादगार लम्हों से आपको रूबरू कराना चाहती हूँ जैसे कि मेरा पहला अवसर : किस से चूत की सील खुलवाई !

मेरा बचपन गाँव में निकला, वहीं मैं पली-बड़ी हुई, दसवीं तक मैंने पढ़ाई वहीं सरकारी स्कूल से की, हमारा संयुक्त परिवार था, चाचा-चाची, छोटे चाचा-चाची, हम लोग, दादा जी, दादी जी, घर तीन मंजिला था लेकिन सबका रसोई घर एक, खाना एक साथ खाया जाता था।

तब मैं जवान हो रही थी, करीब चौदह की थी जब चाची दुल्हन बनकर घर आई, क्या रूप था उन पर, गोरी-चिट्टी दूध जैसी, लेकिन वो चालू माल ही थी, उनमें बहुत हवस भरी हुई थी, है भी, मौका देखते ही चाचा को लेकर घुस जाती कमरे में !