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Friday, May 8, 2015

बहुत स्वादिस्ट चाय बनी भाबी के दूध की

बहुत स्वादिस्ट चाय बनी भाबी के दूध की 

बरामदे में बैठ के मैं अभी भी इस हॉट भाभी पल्लवी को ही देख रहा था. गोरी चिट्टी, लम्बी, सेक्सी चाल और लंड लेने का उबाल. किसी भी और हॉट भाभी की तरह पल्लवी को भी अपने पति से शयनसुख नहीं मिल रहा था. या फिर उसे जैसे चाहियें था वैसे नहीं मिल रहा था. वैसे गोर करें तो यह एक विषचक्र ही हैं, एक की बीवी दुसरे से चुदती हैं और चोदनेवाले की बीवी किसी और से. इस तरह सब सेक्स से विमुख भी हैं और एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर से अपने आप को तृप्त भी रखते हैं. पल्लवी भाभी और मेरा अफेयर भी अब 2 साल पुराना हो चूका हैं. भाभी के लटको झटको को देख के मेरी बीवी रिया ने कई बार हम पे शक भी किया लेकिन हम अभी तक रंगेहाथ पकडे नहीं गए हैं और भाभी के दूध और भाभी की चूत को मैं बड़े ही मजे से लेता रहता हूँ. रिया को मैं मइके जाने की पूरी छुट देता हूँ, ताकि इस हॉट भाभी की ले सकूँ. रिया उस दिन भी मइके ही गई हुई थी. बरामदे से ही मैंने पल्लवी भाभी को इशारा किया मेरे घर आने के लिए. भाभी ने इधर उधर देख के मुझे इशारा किया की वो शाम को आएँगी.


बड़ी उम्मीद थी मुझे भाभी के आने की. मैंने सोचा था की भाभी के दूध चूस लूँगा और उसकी गांड भी चाट लूँगा. लेकिन साला केएलपीडी यानी की खड़े लंड पे धोका हो गया. मैं अंदर गया और कंप्यूटर पे एक हिंदी सेक्स वीडियो देख के मुठ मार ली. अब साल शाम का इंतजार भी तो करना था. भाभी की चुदाई के ख्यालों में ही कब नींद लग गई पता ही नहीं चला. जब शाम को साढ़े पांच बजे पल्लवी भाभी की कॉल आई तो मैं जागा. उसने मुझे बताया की वो शाम को खीर देने के बहाने आएँगी और वहीँ रुकेंगी. मैंने उसे पूछा की घर में कोई शक नहीं करेंगा. तो उसने बताया की वो राधा भाभी के घर जाने का बहाना निकाल लेंगी. राधा भाभी मेरी बगल वाले मकान में रहती हैं जिसे मेरे और पल्लवी भाभी के बारें में पता हैं. वो अक्सर हमें मिलने में मदद करती हैं. और वो मदद इसलिए करती हैं की जब उसे मिलना हो अपने यार से तो मैं और पल्लवी भाभी उसकी मदद कर देते हैं. मैंने उठ के स्नान किया और खुली ट्रेक पेंट पहन के फिर से कंप्यूटर के सामने बैठ गया. भाभी के वेट में मैंने हिन्दी मूवी आधी देख ली. तभी डोरबेल बजा और मैंने फट से उठ के दरवाजा खोला. बहार पल्लवी भाभी ही थी उसके हाथ में एक बौल थी. उसने मुझे देख के नाटक किया और रिया के लिए पूछा. मैंने भी नाटक में साथ दिया और उसे कहा की रिया मइके गई हैं. भाभी ने कहा की वो खीर ले के आई हैं. मेरा मन तो हो गया की क्या यह खीर भाभी के दूध की ही हैं, लेकिन शायद पड़ोस का कोई व्यक्ति हो इस डर से मैं कुछ नहीं बोला. पल्लवी भाभी जैसे ही अंदर आई मैंने बहार निकल के देखा की कोई हमें देख तो नहीं रहा हैं.

जब मुझे लगा की रास्ता साफ़ हैं तो मैंने दरवाजे को लात मार के कड़ी लगा दी. मैं: भाभी बड़ा तडपाती हो तुम तो यार. दोपहर को तो हाथ हिला के ही कार्यक्रम करना पड़ा. भाभी: मेरे राजा यह तो और भी अच्छा हैं, दोपहर को टंकी खाली की है इसलिए अभी और भी लम्बा भाग पाओंगे. मैं: अरे आप कहो तब तक लूँगा आप की, दोपहर को टंकी खाली की हो या नहीं. अब मुझे और मत तडपाओ जल्दी अपनी साड़ी को ऊपर उठाओ. पल्लवी भाभी ने जैसे ही साड़ी का पल्लू उठाया भाभी के दूध उस ब्लाउज में से झाँकने लगे. भाभी के दूध काफी बड़े और सुडोल हैं जैसे की उसने सिलिकोन इम्प्लांट करवाया हों. मेरा हाथ फट से उन बड़े बड़े दूध के ऊपर जा बैठा और मैं उनका मर्दन करने लगा. भाभी का एक एक बूब्स करीब दो लिटर का था इसलिए उसका हाथ में आन मुश्किल था. मेरी उत्तेजना की एक और वजह यह थी की भाभी की डिलीवरी 6 महीने पहले ही हुई थी और करीब एक साल से मैं उसे ठीक से चोद नहीं पाया था. बिच बिच में एक दो बार ओरल सेक्स और पिछवाड़े में ठुकाई की थी लेकिन उसमे उतना मजा नहीं आया था. पल्लवी भाभी भी मुझे गले लग के अपने चुंचे सही तरह से मेरी छाती के ऊपर दबा रही थी. वाऊ भाभी के चुन्चो की तो बात ही बड़ी निराली हैं. मैंने फट से अपनी जबान को भाभी के बूब्स पे लगा दी और वहाँ पे इधर उधर चाटने लगा. पल्लवी भाभी का हाथ सीधे ही मेरे लंड पे जा पहुंचा और वो उसे दबाने लगी. वो लंड को बड़े ही जोर से दबा रही थी और मुझे वहां पे मीठा मीठा दर्द हो रहा था. पल्लवी भाभी के निपल्स को जरा जोर से चूसा और अंदर से पतले पतले दूध की दो बुँदे आके मेरे मुहं में निकल पड़ी. मैं उस दूध को पी गया, पतला था लेकिन मीठा था.

भाभी ने अब मेरी ज़िप खोली और लंड को बहार कर दिया. वो सीधे अपने घुटनों पे जा बैठी और लंड को चूसने लगी. मेरा लंड सीधा उसके गले तक जा बैठा और पल्लवी भाभी बिना कुछ कहें ही उसे डीपथ्रोट देने लगी. पल्लवी भाभी की यही सब अदाएं मुझे इतनी पसंद हैं की मैं उसे अपनी बीवी से भी ज्यादा पसंद करता हूँ. पल्लवी भाभी मेरे बाल्स को पकड के उसे सहला रही थी और साथ में उसका लंड चुसना तो चालू ही था. मैं भाभी के दूध को देख रहा था जो उसके लंड चूसने से उछल रहे थे. क्या मस्त दूध थे भाभी के, और उसमे से निकलने वाला दूध भी कितना अच्छा था. तभी पल्लवी भाभी ने लंड को चुसना बंध किया और वो उठ खड़ी हुई. भाभी अपनी टाँगे फैला के लेट गई, उसकी झांटोवाली चूत देख के चोदने का मन क्यूँ नहीं होंगा. मैंने अपना लंड उसकी चूत पे सेट किया और एक ही झटके में लंड अंदर डाल दिया. भाभी के मुहं से हलकी आह निकली लेकिन उसने अपनी चूत में लंड को मजे से खा लिया. लंड चूत के अंदर सही बैठ गया था और मुझे लौड़े के सभी तरफ चिपचिपाहट और गरमी का अहसास हो रहा था. पल्लवी भाभी की गांड अब धीरे धीरे से हिलने लगी और वो मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर बहार करने लगी. मुझे बहुत ही मजा आ रहा था. मैंने भी भाभी की कमर को पकड के अपने लंड को चूत के अंदर मारना चालू कर दिया. हम दोनों के बदन पे पसीना आने लगा और भाभी के मुहं से आ आह आह ह ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह….. की आवाजें निकलने लगी. मैं और भी जोर जोर से भाभी की चूत मारने लगा और वो और भी जोर जोर से अपनी गांड को उठा के मुझे मजे देने लगी.

भाभी की हिलती हुई गांड देख के मैं अब डौगी स्टाइल यानी की कुतिया वाली स्टाइल बनाने का इरादा कर चूका था. मैंने फट से अपना लंड भाभी की चूत से निकाला और उसे कमर से पकड के फ्लिप कर दिया. भाभी ने अपनी गांड को पीछे से उठाया ताकि मैं उसे चोद सकूँ. मैंने उसकी अभी भी चिकनी चूत के ऊपर लंड रख दिया और एक ही झटके में लौड़े को चूत के आरपार कर दिया. भाभी की आह निकली और उसकी गांड फिर से एक बार हिलने लगी. वाऊ क्या मजा था भाभी की ऐसी चुदाई करने में. मैं भाभी की गांड पे स्पंक कर रहा था और उसे जोर जोर से ठोक रहा था. भाभी भी अपनी गांड जोर जोर से लंड के ऊपर मार रही थी ताकि मुझे मजे आये. मैंने अब हाथ आगे किया और भाभी के दूध दबाने लगा. भाभी के चुन्चो में सख्ती आ गई थी और उसकी निपल्स भी हार्ड हो चुकी थी. मैं उसे ऐसे ही हार्ड चोदता रहा और उसकी गांड के छेद को देखता रहा.

चोदते चोदते ही मैंने अपने हाथ में थोडा थूंक लिया और उँगलियों को भाभी के पीछे के छेद पे मसलने लगा. पल्लवी भाभी ने मुद के पीछे देखा और वो हंस पड़ी. वो भी जानती थी की बहुत दिनों के बाद हाथ आया मौका मैं छोड़ने वाला नहीं हूँ. मैंने गांड के छेद को चिकना किया. फिर मैंने लंड को चूत से निकाल के लंड के ऊपर लगी हुई चिकनाहट को भी हाथ में ले के भाभी की गांड पे घिस दिया. पल्लवी भाभी की गांड बिलकुल रेडी थी लंड के स्वागत के लिए. मैंने उसके कुल्हें फाड़ें और लंड उसके छेद पे रख दिया. भाभी ने पीछे हाथ कर के लंड को पकड़ा और वो उसे अपने गांड के छेद के ऊपर गाइड करने लगी. जैसे ही लंड सेट हुआ भाभी ने एक हुंकार किया और मैंने झटका दिया.

भाभी के मुहं से आवाज निकल पड़ी, ऊऊऊऊओ बाप रेआआआआआआआअह्ह्ह्…मैं मर गई, आह आह आह ओह ओह ओहाह्ह्ह्हह्ह………मैंने उसके गले को पकड के उसके मुहं को मेरी और मोड़ा और अपने होंठ उसके होंठो से लगा दिए ताकि आवाज निकल ना सकें. लंड आधे से भी ज्यादा गांड पे था और भाभी को उसकी सख्ती का सही अहसास हो रहा था. भाभी को एक मिनिट किस किया और लंड को बिलकुल हिलाया नहीं. भाभी की गांड अब मेरे लंड से सेट हो चुकी थी इसलिए उसकी चीखें और मोनिंग बंध हो चुकी थी. मैं अब अपने लंड को गांड के अंदर धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा.

पल्लवी भाभी: प्लीज़ धीरे से करो ना पीछे की चमड़ी जल्दी छिल जाती हैं. दुसरे दिन संडास करने में बहुत दिक्कत होती हैं. कभी कभी गांड से खून भी आता हैं.

मैंने लंड को धीरे से गांड के बहार किया और कहा: भाभी थोडा दर्द हो तो प्यार और भी गहरा होता हैं. आप सब कुछ भूल के अभी मुझ से मजे ले लो. कल पैन किलर ले लेना. आप की गांड मारने में जो मजा हैं वो रिया के साथ पूरी रात बिताने में भी नहीं हैं.

भाभी को थोडा मस्का मारा और वो अपनी गांड को हौले हौले हिलाने लगी. मेरा लंड उसकी गांड को छिल रहा था लेकिन वो उसकी परवाह नहीं कर रही थी. मैं अब आगे हाथ कर के भाभी के दूध को मसल रहा था. भाभी के दूध और भी हार्ड हो चुके थे. अब पल्लवी भाभी अपनी गांड को और भी मस्ती से हिलाने लगी. मेरा काला नाग उसकी गांड में जोर जोर से अंदर बहार होने लगा. मैं समझ गया की भाभी अब झड़ चुकी हैं और वो मुझे झाड़ने के लिए जोर जोर से कर रही हैं. और सच कहूँ तो दोस्तों यही सही टाइम था मेरे भी झड़ने का. दोनों पार्टनर साथ में झड़े तो सेक्स का सही मजा आता हैं. मैंने पल्लवी भाभी की गांड को और भी चौड़ा किया और लंड और भी जोर जोर से मारने लगा. भाभी के झटको ने मुझे भी हरा दिया और लंड से गाढे मिल्क की मलाई की तरह वीर्य निकल के भाभी की गांड में ही बह गया. जब लंड बहार निकाला तो भाभी की गांड से वीर्य की बुँदे टपक के निचे गिर पड़ी. हम दोनों थक के लोटपोट हो चुके थे. मैं वही भाभी की बाहों में लेट गया.

पांच मिनिट के बाद भाभी उठ के अपने कपडे सही करने लगी.

मैं: क्या बात हैं भाभी, बड़ी जल्दी में हो.

भाभी: हाँ, जरा जाना हैं. मुन्नी जाग गई तो उसे भी दूध पिलाना हैं.

मैं: भाभी के दूध की ताकत सुनी हैं. हमें भी कभी भाभी के दूध की ताकत बता दीजिएं.

भाभी: जो बुँदे पी थी उस से तो आगे पीछे दोनों साइड पेल दिया, अब तो पता चली ना उसकी ताकत आप को.

मैं: दो बूंदों से क्या होना हैं मैं तो ग्लास भर के पीना चाहता हूँ, जैसे रिया मेरी सुहागरात पे ले के आई थी.

भाभी हंस पड़ी और उसने अपने ब्लाउस को ऊपर उठाया एक बार फिर. मैं भाभी के पास गया और उसकी ब्रा को भी ऊपर कर दी. दोनों बूब्स मेरे सामने थे और निपल्स अभी भी वैसे ही खड़ी थी. मैंने निपल्स को चूसा और भाभी ने मेरे लंड को पकड के हिलाना चालू कर दिया. तभी मुझे क्या सुझा मैं किचन में गया और एक छोटा बाउल ले आया. भाभी यह देख के हंस पड़ी. शायद अभी तक उसे मजाक लग रहा था. लेकिन मैं सच में भाभी के दूध को पीना चाहता था. भाभी के हाथ में वो बाउल पकड़ा के मैं उसके चुन्चो को जोर जोर से दबाने लगा.

2 मिनिट जोर जोर से दबाने के बाद भाभी के दूध की पहली बूंद आई. मैंने अपनी जबान से फट से उसे चाट लिया. भाभी के निपल्स से अब दो दो बूंद कर के दूध बहार आने लगा. भाभी ने बुँदे बाउल में जमा की और देखते ही देखते कुछ देर में बाउल में दो प्याली चाय बन सकें उतना दूध जमा हो गया. अब मैंने भाभी के दूध को निकालना बंध किया. भाभी ने अपने ब्लाउस और ब्रा को ठीक कर लिया. मैंने बाउल भाभी के हाथ में दिया और उसे चाय बनाने के लिए कहा.

भाभी: ही ही ही…..सच में इसकी चाय पीनी हैं?

मैं: भाभी के दूध की चाय पी के देखूं की उसमे क्या मजा हैं, तुम भी पी लेना थोड़ी.

पल्लवी भाभी किचन में गई और 5 मिनिट के बाद वो वापस आई. उसके हाथ में दो कप थे. मैंने देखा के एक कप में काली यानी की बिना दूध की चाय थी. भाभी ने अपने दूध की चाय पीना मुनासिब नहीं समझा शायद और उसने सभी दूध मेरी प्याली में डाला था. मैं भी बेशरम की तरह भाभी के दूध की चाय पी गया.

फिर एक बार मेरे लंड में सनक चढ़ी. लेकिन क्यूंकि भाभी को जाना था इसलिए हमने चुदाई नहीं की. भाभी ने अपने हाथ से मुझे हस्तमैथुन कर के दिया और फिर वो खीर का बाउल खाली कर के चली गई……! दोस्तों यह थी मेरी सच्ची सेक्स कहानी जिसमे मैंने भाभी के दूध के मजे लिए थे. आप को कहानी कैसी लगी यह जरुर से लिखना मुझे. आप इस कहानी को फेसबुक के ऊपर भी जरुर शेयर करना….! अगली कहानी मैं आप लोगों को जल्दी ही भेजूंगा, उसमे मैंने रिया को अपने ससुराल में चोदा था वो बताऊंगा…!

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